
सार
मध्य प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन को मजबूत करने के लिए PPP मॉडल पर आधारित मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को लागू करने की तैयारी है। योजना के तहत 10,682 बसों को 3,462 रूटों पर संचालित करने का लक्ष्य है। सरकार की योजना शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों को भी बेहतर बस कनेक्टिविटी देने की है। इलेक्ट्रिक बसों, डिजिटल टिकटिंग, AI आधारित रूट प्लानिंग और स्मार्ट परिवहन व्यवस्था पर भी जोर रहेगा।
विस्तार
मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार PPP यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के जरिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को आगे बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर कनेक्टिविटी वाली बस सेवा उपलब्ध कराना है। सरकार के विजन के तहत 10,682 बसों को 3,462 यात्री रूटों पर चलाने और प्रदेश को सात ऑपरेशनल रीजन में व्यवस्थित करने की योजना बनाई गई है।
इस योजना में निजी बस ऑपरेटरों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सरकार सार्वजनिक परिवहन में निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता, निवेश और तकनीक का इस्तेमाल करना चाहती है, ताकि बसों का संचालन ज्यादा व्यवस्थित और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके। इसी दिशा में 11 और 12 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में यात्री परिवहन विजन समिट-2026 आयोजित की जा रही है, जिसमें परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, नीति निर्माता, IT कंपनियां और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
योजना के तहत बस नेटवर्क को ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार देने पर भी जोर है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की करीब 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ना बताया गया है। इससे गांवों से जिला मुख्यालय, कस्बों और बड़े शहरों तक आने-जाने वाले लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। योजना में इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा बसों की स्मार्ट तकनीक से निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नई व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ाया जाएगा। AI आधारित रूट प्लानिंग, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, डिजिटल टिकटिंग, फ्लीट मैनेजमेंट और रियल टाइम यात्री सूचना जैसी सुविधाओं पर चर्चा हो रही है। इसका उद्देश्य यात्रियों की जरूरत के अनुसार रूट और बसों की उपलब्धता को बेहतर तरीके से प्रबंधित करना है।
सरकार बस संचालन को केवल टिकट से होने वाली आय तक सीमित नहीं रखना चाहती। विज्ञापन, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और नामकरण अधिकार जैसे गैर-किराया राजस्व मॉडल के जरिए भी आय बढ़ाने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। PPP मॉडल के तहत बस टर्मिनल, मल्टीमॉडल हब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम में निजी निवेश आकर्षित करने की रणनीति भी बनाई जा रही है।
इस पूरी पहल को मध्य प्रदेश के Mobility Vision 2030 से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत कनेक्टेड, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल, डिजिटल और आर्थिक रूप से टिकाऊ यात्री परिवहन व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, 25 सितंबर से सेवा शुरू होने की तारीख को लेकर आपके दिए CNBC-TV18 लिंक का दावा है; उपलब्ध आधिकारिक समिट सामग्री में योजना के 10,682 बसों, 3,462 रूटों और PPP मॉडल की पुष्टि होती है, लेकिन 25 सितंबर की लॉन्च तारीख की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली।
- mp-ppp-model-bus-service-25-september-2026-10682-buses-3462-routes








