
बुरहानपुर/ राजू सिंह राठौड़: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर बुरहानपुर में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में उनका पुतला दहन किया। कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी
बुरहानपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन सामने आया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट हुए और रैली निकालकर निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की।
रैली के दौरान ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ समेत कई नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारेबाजी की। रैली के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
पुतला दहन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें मतदाता सूची में हुए बदलावों की व्यापक और स्वतंत्र समीक्षा कराने तथा SIR प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की गई।
कांग्रेस नेत्री अनीता अमर यादव ने मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र जांच और समीक्षा की जरूरत बताई। उन्होंने SIR प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग रखी।
वहीं, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष रवींद्र महाजन ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में किए गए बदलावों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों की स्वतंत्र समीक्षा जरूरी है।
CEC को हटाने की मांग
जिला कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर स्पष्टता जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा संबंध मतदाताओं के अधिकारों से है।
कांग्रेस नेत्री और पूर्व महापौर गौरी शर्मा ने भी चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। प्रदर्शन में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रैली के बाद हुआ पुतला दहन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन से पहले रैली निकाली। रैली के दौरान SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर नारेबाजी की गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि SIR को लेकर पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आपत्तियां दर्ज करा रही है। उनका कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह के बदलाव को लेकर पारदर्शिता जरूरी है और मतदाताओं को प्रक्रिया की पूरी जानकारी मिलनी चाहिए।
AAP भी कर चुकी है प्रदर्शन
बुरहानपुर में SIR को लेकर राजनीतिक विरोध का यह पहला मामला नहीं है। 28 सितंबर को आम आदमी पार्टी ने भी जय स्तंभ चौराहे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध जताया था। आप कार्यकर्ताओं ने भी SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
देश के अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की ओर से SIR और मतदाता सूची को लेकर प्रदर्शन किए गए हैं। कांग्रेस ने अलग-अलग स्थानों पर निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची में बदलावों की समीक्षा की मांग उठाई है।
बुरहानपुर में हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी मांगों का समर्थन किया। अब कांग्रेस की ओर से उठाए गए इन मुद्दों पर प्रशासन और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की ओर से क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।
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