
एक बड़े जिले में युवा कलेक्टर की पदस्थापना को अभी ज्यादा समय नहीं बीता था कि जिले में एक बड़ी घटना सामने आ गई। मामला इतना गंभीर रहा कि केंद्र में नेता प्रतिपक्ष को खुद जिले का दौरा करना पड़ा और इसके बाद सियासी हलचल भी तेज हो गई। घटनाक्रम के बाद सरकार के स्तर पर कलेक्टर को हटाकर मंत्रालय भेजने की चर्चा शुरू हो गई थी। यानी बड़ी घटना के बाद युवा कलेक्टर की पदस्थापना को लेकर सरकार के स्तर पर बदलाव की संभावना जताई जा रही थी।
हालांकि, नेता प्रतिपक्ष के दौरे के बाद समीकरण बदल गए। अब कलेक्टर को हटाने से सरकार के सामने एक अलग तरह की राजनीतिक स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। यदि इस समय कलेक्टर को हटाया जाता है तो इसे विपक्ष सरकार की गलती स्वीकार करने के तौर पर प्रचारित कर सकता है। इसी राजनीतिक स्थिति को देखते हुए फिलहाल सरकार ने कलेक्टर को हटाने का फैसला टाल दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद फिलहाल साहब की कलेक्टरी बचती नजर आ रही है। एक तरफ जिले में हुई बड़ी घटना के बाद कलेक्टर को हटाने की चर्चा शुरू हुई थी, वहीं नेता प्रतिपक्ष के दौरे के बाद सरकार के सामने राजनीतिक समीकरण बदलने की स्थिति बनी। खबर के मुताबिक इसी वजह से कलेक्टर को हटाने का फैसला फिलहाल टाल दिया गया है और उनकी मौजूदा पदस्थापना बनी हुई है।
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