
एक युवा कलेक्टर की जल्द ही जिले से विदाई की तैयारी बताई जा रही है। इसकी वजह जिले के अधिकांश जनप्रतिनिधियों की कलेक्टर साहब से नाराजगी है। बताया जा रहा है कि जनप्रतिनिधियों ने साहब के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उनकी शिकायत है कि कलेक्टर साहब काम करना तो दूर, उनका मोबाइल तक रिसीव नहीं करते। जनप्रतिनिधियों की इस नाराजगी को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा है।
हालांकि, जनप्रतिनिधियों की शिकायत का दूसरा पहलू भी है। सूत्र बताते हैं कि कई बार उनसे ऐसे काम कराने का आग्रह किया जाता है, जो नियमों के दायरे से बाहर होते हैं और साहब ऐसे मामलों में हामी भरने के बजाय नियमों का हवाला देते हैं। इसी वजह अब उनके लिए भारी पड़ती नजर आ रही है। यानी एक तरफ जनप्रतिनिधियों की शिकायत है कि कलेक्टर साहब उनके फोन तक रिसीव नहीं करते, वहीं दूसरी तरफ सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कई बार उनसे नियमों के दायरे से बाहर जाकर काम कराने का आग्रह किया जाता है।
माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही साहब को मौजूदा जिले से हटाकर किसी दूसरी जगह भेज सकती है। फिलहाल प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि उन्हें ‘हीरा की नगरी’ की कमान सौंपी जा सकती है। खबर में कलेक्टर की विदाई की तैयारी और संभावित नई पदस्थापना को लेकर चर्चा का उल्लेख किया गया है, लेकिन नई जगह भेजे जाने को लेकर किसी आधिकारिक आदेश की जानकारी नहीं दी गई है।
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