
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित मां बिरासिनी मंदिर में आस्था का रंग गहरा गया है। बिरसिंहपुर पाली का यह प्रसिद्ध देवी मंदिर नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र बन जाता है। मान्यता है कि मां बिरासिनी स्वयं खेत में प्रकट हुई थीं। इसी वजह से मंदिर की धार्मिक मान्यताओं और इतिहास को लेकर भक्तों में खास श्रद्धा है। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होते हैं।
खेत में प्रकट होने की मान्यता से जुड़ा है मंदिर
मां बिरासिनी मंदिर से जुड़ी स्थानीय मान्यता इसे दूसरे देवी मंदिरों से अलग बनाती है। कहा जाता है कि माता की प्रतिमा खेत में प्रकट हुई थी। इसके बाद यहां देवी की आराधना शुरू हुई और समय के साथ यह स्थान प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में प्रसिद्ध होता गया।
उमरिया जिला प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार बिरसिंहपुर पाली रेलवे स्टेशन के पास स्थित इस मंदिर में देवी बिरासिनी की प्रतिमा स्थापित है। स्थानीय मान्यता में उन्हें देवी काली के स्वरूप से भी जोड़ा जाता है। मंदिर के आसपास नवरात्रि के अवसर पर धार्मिक मेले आयोजित होने की परंपरा रही है।
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नवरात्रि में बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की भीड़
शारदीय नवरात्रि के दौरान मां बिरासिनी मंदिर में भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है। 2026 में नवरात्रि के पहले दिन उमरिया कलेक्टर राखी सहाय ने भी बिरसिंहपुर पाली पहुंचकर मां बिरासिनी की पूजा-अर्चना की और घट स्थापना की। इससे मंदिर में नवरात्रि की धार्मिक गतिविधियों की शुरुआत का भी संकेत मिला।
नए साल के अवसर पर भी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी। मध्य प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से भी भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचे थे।
जवारा जुलूस है मंदिर की खास पहचान
मां बिरासिनी मंदिर की नवरात्रि परंपरा में जवारा जुलूस का विशेष महत्व है। हर साल नवरात्रि के दौरान मंदिर से जवारा कलश निकाले जाते हैं। यह जुलूस पाली नगर के विभिन्न मार्गों से होकर सगरा तालाब तक पहुंचता है, जहां जवारों का विधि-विधान से विसर्जन किया जाता है।
पिछले आयोजनों में हजारों श्रद्धालुओं के जुलूस में शामिल होने की रिपोर्ट सामने आई है। जुलूस में धार्मिक झांकियां और विभिन्न पारंपरिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहती हैं। मंदिर की यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और इसे मां बिरासिनी की भक्ति से जोड़कर देखा जाता है।
मनोकामना पूरी होने की भी है मान्यता
मां बिरासिनी के दरबार को लेकर श्रद्धालुओं में कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। भक्त यहां अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं और माता से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। स्थानीय आस्था के अनुसार मां बिरासिनी के दरबार में मांगी गई मन्नत पूरी होती है।
इसी आस्था के कारण नवरात्रि ही नहीं, बल्कि वर्ष के अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर भी मंदिर में भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है। मंदिर से जुड़ी धार्मिक परंपराएं उमरिया के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उमरिया का मां बिरासिनी मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि स्थानीय आस्था और सदियों पुरानी परंपराओं का केंद्र है। खेत में माता के प्रकट होने की मान्यता, नवरात्रि की पूजा और भव्य जवारा जुलूस इस मंदिर को खास पहचान देते हैं। शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ इसकी लोकप्रियता को दर्शाती है।
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