
रामनगर/मैहर। रामनगर नगरीय क्षेत्र से लेकर विकासखंड के ग्रामीण इलाकों तक अवैध शराब पैकारी का कारोबार फैलने के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक दावा है कि शराब भट्ठी से कथित तौर पर शराब को मोटरसाइकिल और अन्य वाहनों के जरिए अलग-अलग इलाकों में पहुंचाया जाता है। आरोप है कि सुबह से ही शराब की आपूर्ति शुरू हो जाती है और दिनभर अलग-अलग स्थानों पर बिक्री चलती रहती है।
गली-मोहल्लों और गांवों तक शराब पहुंचाने का आरोप
स्थानीय स्तर पर लगाए गए आरोपों के मुताबिक रामनगर के आसपास के गली-मोहल्लों और गांवों में शराब पहुंचाने के लिए मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया जाता है। दावा है कि कुछ लोग कपड़े में कई पेटियां बांधकर शराब लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में जाते हैं।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित पैकारों के जरिए शराब की बिक्री के लिए कई स्थान निर्धारित हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि वास्तव में कितने स्थानों पर इस तरह की बिक्री हो रही है और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।
15 वार्डों में 25 से 30 स्थानों का दावा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रामनगर नगरीय क्षेत्र के करीब 15 वार्डों में 25 से 30 स्थानों पर कथित तौर पर अवैध पैकारी संचालित की जा रही है। आरोप है कि इन स्थानों पर दिनभर शराब की बिक्री होती है।
यदि यह दावा सही पाया जाता है तो यह आबकारी व्यवस्था और स्थानीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर तब, जब शराब की बिक्री निर्धारित लाइसेंसी दुकानों और नियमों के तहत होनी चाहिए। इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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राजेश गुप्ता की भूमिका पर भी लगाए गए आरोप
स्थानीय रिपोर्ट में राजेश गुप्ता नामक व्यक्ति की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। दावा किया गया है कि बोलेरो वाहन के जरिए कथित रूप से शराब पैकारों तक पहुंचाई जाती है। इसके अलावा रिपोर्ट में संबंधित शराब भट्ठी से जुड़े व्यक्ति पर कथित संरक्षण देने के आरोप भी लगाए गए हैं।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष भी सामने नहीं आया है। इसलिए इन दावों को फिलहाल शिकायत और स्थानीय आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। यदि प्रशासन जांच करता है तो वाहन, शराब के परिवहन, बिक्री स्थलों और लाइसेंस से जुड़े रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होगी।
कार्रवाई हुई तो सामने आएगी वास्तविक तस्वीर
रामनगर क्षेत्र में अवैध शराब से जुड़े मामलों में पहले भी पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई सामने आती रही है। अप्रैल 2026 में मैहर के रामनगर क्षेत्र में पुलिस ने कथित रूप से शराब और नशीली दवाओं की आपूर्ति से जुड़े मामले में कार्रवाई की थी।
अब ताजा आरोपों के बाद सवाल है कि क्या आबकारी विभाग और पुलिस इन कथित पैकारी केंद्रों की जांच करेंगे। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले में आधिकारिक जांच और विभागीय प्रतिक्रिया का इंतजार है।
रामनगर में गली-मोहल्लों और गांवों तक कथित अवैध शराब पैकारी पहुंचने के आरोपों ने आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आएगी। प्रशासन की ओर से कार्रवाई और संबंधित पक्ष का जवाब इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।








