
इंदौर| मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए अब ऊंची इमारतों और आधुनिक शहरों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इंदौर में बुधवार को आयोजित मध्यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहरी विकास और निवेश को लेकर कई अहम योजनाओं पर चर्चा की। इसी दौरान प्रदेश में 100 मंजिला इमारतों के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का विजन भी सामने आया।
निवेशकों से मुख्यमंत्री ने की वन-टू-वन बैठक
ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से सीधे मुलाकात की। बैठक में शहरी आवास, बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और अन्य शहरी परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
सरकार का जोर ऐसे शहर विकसित करने पर है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर नियोजन और निवेश के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध हो। कॉन्क्लेव में टियर-2 शहरों के विकास पर भी विशेष चर्चा की गई।
100 मंजिला इमारतों के जरिए शहरों के विस्तार पर जोर
शहरी आबादी बढ़ने के साथ जमीन की उपलब्धता सीमित हो रही है। ऐसे में ऊर्ध्वाधर विकास यानी अधिक ऊंचाई वाली इमारतों को भविष्य के शहरी विकास का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
100 मंजिला इमारतों की बात इसी व्यापक शहरी विकास विजन से जुड़ी है। हालांकि, इसे फिलहाल प्रदेश में 100 मंजिला इमारतों के बड़े पैमाने पर निर्माण की शुरुआत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। किसी विशेष परियोजना की जगह, स्थान, लागत और निर्माण समयसीमा को लेकर विस्तृत जानकारी अलग से सामने आना बाकी है।
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किफायती आवास और पानी के पुन: उपयोग पर भी फोकस
कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश शहरी किफायती आवास एवं आवासीय नीति 2026 के प्रारूप को भी सामने रखा गया। इसमें किराये के मकान, पुनर्विकास और सरकारी जमीन के बेहतर इस्तेमाल के जरिए किफायती आवास बढ़ाने पर जोर है।
इसके साथ ही उपचारित अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग से जुड़ी नीति का प्रारूप भी सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य उद्योग, निर्माण और अन्य गैर-पेय उपयोगों में उपचारित पानी का इस्तेमाल बढ़ाकर ताजे पानी पर निर्भरता कम करना है।
इंदौर समेत आठ जिलों के लिए बनेगा आर्थिक रोडमैप
कॉन्क्लेव में इंदौर इकोनॉमिक रीजन रिपोर्ट भी लॉन्च की गई। इसमें इंदौर के साथ उज्जैन, धार, रतलाम, देवास, खरगोन, खंडवा और शाजापुर को शामिल किया गया है।
इस रोडमैप में औद्योगिक गलियारों, नए टाउनशिप, लॉजिस्टिक्स, परिवहन नेटवर्क और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य क्षेत्रीय स्तर पर योजनाबद्ध विकास के जरिए निवेश और आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।
अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में मध्यप्रदेश के भविष्य के शहरों को लेकर कई बड़े प्रस्ताव और योजनाएं सामने आई हैं। 100 मंजिला इमारतों का विजन भी इसी शहरी विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। हालांकि, इसके वास्तविक स्वरूप और परियोजनाओं की तस्वीर आने वाले समय में विस्तृत घोषणाओं के बाद ही स्पष्ट होगी।








