
टीकमगढ़ जिले के आकांक्षी विकासखंड बल्देवगढ़ में 2 नवंबर 2026 को विकास कार्यों और प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों की समीक्षा की गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के संचालक रमित मौर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, जल संरक्षण और बुनियादी सुविधाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कई क्षेत्रों में सुधार की जानकारी दी, जबकि शिक्षा और प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रगति बढ़ाने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य और पोषण के 14 में से 12 संकेतक बेहतर
समीक्षा बैठक में सितंबर 2026 तक के विभागीय आंकड़ों के आधार पर बल्देवगढ़ की प्रगति का आकलन किया गया। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में 14 में से 12 संकेतकों की स्थिति राज्य और राष्ट्रीय औसत से बेहतर बताई गई।
संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 100 रहा, जबकि उच्च रक्तचाप और मधुमेह की जांच के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 95 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। आईसीडीएस के तहत नियमित पूरक पोषण पाने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत 80.86 और 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों का प्रतिशत 90.11 रहा। आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यात्मक शौचालय और पेयजल सुविधा की उपलब्धता 100 प्रतिशत दर्ज की गई।
सम्पूर्णता अभियान में सभी छह संकेतक हुए संतृप्त
बल्देवगढ़ में 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक सम्पूर्णता अभियान 2.0 चलाया गया। अभियान के तहत चयनित सभी छह संकेतकों में शत-प्रतिशत संतृप्ति हासिल की गई। इनमें बच्चों को पूरक पोषण, आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की माप, पेयजल और शौचालय सुविधा, स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय तथा पशुओं का एफएमडी टीकाकरण शामिल रहा।
अधिकारियों के अनुसार विकासखंड में वर्तमान में आठ संकेतकों में शत-प्रतिशत संतृप्ति प्राप्त की जा चुकी है। बैठक में इन उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए अन्य संकेतकों में भी लक्ष्य पूरा करने पर जोर दिया गया।
शिक्षा में सुधार, लेकिन कुछ संकेतकों पर और काम की जरूरत
शिक्षा के क्षेत्र में भी बल्देवगढ़ में सुधार दर्ज किया गया। हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 2025 में 53.60 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 59.40 प्रतिशत हुआ। प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 29.45 से बढ़कर 38.82 प्रतिशत पहुंचा।
हायर सेकेंडरी का परीक्षा परिणाम भी 58.75 प्रतिशत से बढ़कर 61.21 प्रतिशत हुआ। प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 39.01 से बढ़कर 46.91 प्रतिशत दर्ज किया गया। हालांकि समीक्षा में उन संकेतकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, जिनमें विकासखंड अभी राज्य और राष्ट्रीय औसत से पीछे है।
38 तालाबों के जीर्णोद्धार से जल संरक्षण को बढ़ावा
बल्देवगढ़ में 38 तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया है। इससे जल संग्रहण क्षमता बढ़ने के साथ कृषि, पशुपालन और ग्रामीण आजीविका को लाभ मिलने की जानकारी दी गई। तालाबों से करीब 2,50,651 घनमीटर सिल्ट निकाली गई, जिसे लगभग 500 किसानों को खेतों में उपयोग के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराया गया।
ग्रे वाटर प्रबंधन के क्षेत्र में भी काम किया गया है। चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई भूमिगत जल निकासी की पहल को अन्य गांवों तक विस्तार दिया गया। पिछले दो वर्षों में यह व्यवस्था 225 गांवों तक पहुंचने की जानकारी बैठक में दी गई।
पीएम आवास योजना और टीकाकरण में सुधार पर जोर
बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में सितंबर 2026 तक 70.56 प्रतिशत परिवारों के पास कार्यात्मक नल-जल कनेक्शन दर्ज किए गए। खुले में शौच मुक्त प्लस घोषित गांवों और भारतनेट से जुड़ी ग्राम पंचायतों का प्रतिशत 100 रहा। हालांकि लाइव भारतनेट कनेक्शन वाली ग्राम पंचायतों का प्रतिशत 18.75 दर्ज किया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में संचयी लक्ष्य के मुकाबले आवास निर्माण की उपलब्धि 75.72 प्रतिशत रही। कृषि क्षेत्र में एफपीओ गठन और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लक्ष्यों में 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि पीएम किसान से जुड़े भूमि विवरण और आधार ई-केवाईसी में 97.36 प्रतिशत उपलब्धि रही। पशुओं के एफएमडी टीकाकरण की उपलब्धि 76.04 प्रतिशत रही।
बल्देवगढ़ में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और जल संरक्षण समेत कई क्षेत्रों में प्रगति दर्ज की गई है। समीक्षा बैठक में उपलब्धियों के साथ शेष लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से शिक्षा, मध्यम तीव्र कुपोषण, प्रधानमंत्री आवास योजना और पशु टीकाकरण में सुधार के लिए लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
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