
भारत विदेशी निवेशकों के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक बाजारों में तेजी से उभर रहा है। नवीनतम PwC सर्वे के अनुसार, India अब वैश्विक स्तर पर Foreign Direct Investment (FDI) के लिए Top Two देशों में शामिल हो चुका है। यह पहली बार है जब भारत ने इतनी ऊँची रैंकिंग हासिल की है।
रिपोर्ट में बताया गया कि निवेशक भारत को एक स्थिर, उच्च-विकास वाली अर्थव्यवस्था के रूप में देख रहे हैं, जहाँ डिजिटल इकोनॉमी, मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक सेक्टर में बड़े अवसर मौजूद हैं। साथ ही, जनसांख्यिकीय लाभ, तेज़ उपभोग वृद्धि और सरकारी सुधारों को भी इस उछाल की मुख्य वजह माना गया है।
PwC के अनुसार, भारत में आने वाले वर्षों में निवेश और बढ़ सकता है, क्योंकि कई ग्लोबल कंपनियाँ सप्लाई चेन को एशिया में मजबूत करने और “China+1 Strategy” के तहत नए विकल्प तलाश रही हैं। इस बदलाव का फायदा भारत सहित दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों को मिल रहा है।
नीति-स्तर पर, भारत ने हाल के वर्षों में विदेशी निवेश नियमों को सरल किया है और कई सेक्टर्स में FDI कैप बढ़ाया है। इससे टेक, EV, मैन्युफैक्चरिंग और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में पूंजी प्रवाह तेज हुआ है।
अर्थशास्त्री मानते हैं कि यह उपलब्धि भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति को और मजबूत करती है और आने वाले वर्षों में देश को टॉप FDI हब के रूप में देखने की संभावना बढ़ाती है।









