
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि गाजा युद्ध के दौरान कुछ इजरायली सैनिकों की मौत अकसर हथियारों की कमी के कारण हुई थी, जिसका श्रेय उन्होंने अमेरिका की हथियार सप्लाई में कथित रोक को दिया है। नेतन्याहू के मुताबिक, युद्ध के दिनों में उन्हें आवश्यक गोली-बारूद और आधुनिक हथियार समय पर नहीं मिले, जिससे सैनिकों को असमय नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय विवाद के रूप में उठाया और अमेरिका पर निर्णय-निर्माण में देरी और प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया।
नेतन्याहू ने यह भी संकेत दिया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन द्वारा हथियारों की सप्लाई में रुकावट के कारण यह नुकसान उठाया, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने उनकी बातों का सीधा जवाब नहीं दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल को भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अपनी हथियार निर्माण क्षमता विकसित करना जरूरी है ताकि वह विदेशी सहायता पर निर्भर न रहे और युद्ध के कठिन दौर में अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित कर सके।
इस बयान के बाद रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नेतन्याहू सरकार आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता पर जोर दे रही है, जिससे इजरायल आगामी युद्धों और संघर्षों के लिए मजबूत रणनीतिक स्थिति बना सके। उन्होंने कहा कि इजरायल की रक्षा नीति अब केवल विदेशी समर्थन पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि देश अपनी आधुनिक हथियार और गोला-बारूद खुद विकसित करने पर भी बल देगा। इससे इजरायल की सैन्य संरचना में एक बड़ा बदलाव संभव है।
विश्लेषकों के अनुसार, नेतन्याहू की यह घोषणा उस भूराजनीतिक तनाव को दर्शाती है जिसमें इजरायल और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग पर मतभेद सामने आ रहे हैं। हालांकि अमेरिका ने पारंपरिक रूप से इजरायल को व्यापक सैन्य सहायता प्रदान की है, लेकिन इस तरह की आलोचना यह संकेत देती है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक प्राथमिकताओं में बदलाव देखा जा सकता है।









