
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार, 13 मई को मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया। फ्लोर टेस्ट के दौरान उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के नेतृत्व वाले गठबंधन को 144 विधायकों का समर्थन मिला। विश्वास मत जीतने के साथ ही विजय ने आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है, जिसे उनकी राजनीतिक पारी की पहली और ऐतिहासिक सफलता माना जा रहा है।
नियुक्ति पर बवाल और सरकार का यू-टर्न:
सत्ता संभालते ही विजय सरकार एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद में फंस गई। मुख्यमंत्री के ज्योतिष रिक्की राधन पंडित को ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) के सरकारी पद पर नियुक्त करने के आदेश ने राज्य में सियासी तूफान खड़ा कर दिया। विपक्ष और जनता के भारी विरोध के बाद, सरकार ने इस विवादित नियुक्ति आदेश को रद्द करने का फैसला लिया है।
विपक्ष ने साधा निशाना:
विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया की मुख्यमंत्री विजय जोसफ के साथ निजी संबंधों के आधार पर की गई इस नियुक्ति को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। VCK नेता थोल. तिरुमावलवन ने सबसे पहले इस फैसले का कड़ा विरोध किया। इसके बाद DMDK नेता प्रेमलता और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकारी पदों पर नियुक्तियां नियमों और योग्यता के आधार पर होनी चाहिए, न कि निजी पसंद के आधार पर।
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