
दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स और टेक कंपनी अमेजन ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। कंपनी ने करीब 16,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने का फैसला लिया है। इससे पहले भी अमेजन पिछले कुछ महीनों में हजारों कर्मचारियों को बाहर कर चुकी है, जिससे कुल कटौती का आंकड़ा लगभग 30,000 के करीब पहुंच गया है। यह फैसला कंपनी के संगठनात्मक पुनर्गठन और लागत घटाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अमेजन का कहना है कि वह अपने बिजनेस मॉडल को अधिक प्रभावी और तेज बनाने के लिए मैनेजमेंट लेयर कम कर रही है। कंपनी का फोकस अब अधिक दक्षता, कम ब्यूरोक्रेसी और नई तकनीकों के इस्तेमाल पर है। खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के बढ़ते उपयोग के कारण कई विभागों में कर्मचारियों की जरूरत कम होती जा रही है। इसी वजह से कंपनी अपने वर्कफोर्स को नए सिरे से ढाल रही है।
इस छंटनी का असर अमेजन के कई प्रमुख बिजनेस यूनिट्स पर पड़ सकता है, जिनमें क्लाउड सर्विस, डिजिटल कंटेंट, विज्ञापन और सप्लाई चेन से जुड़े विभाग शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कटौती मुख्य रूप से कॉर्पोरेट कर्मचारियों पर केंद्रित है, जबकि वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कर्मचारियों पर इसका असर अपेक्षाकृत कम रहेगा। इससे यह संकेत मिलता है कि टेक सेक्टर में भविष्य में नौकरियों का स्वरूप तेजी से बदल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेजन का यह कदम सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी टेक इंडस्ट्री में चल रहे बदलाव का संकेत है। AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के दौर में कंपनियां अब ज्यादा टेक्नोलॉजी-ड्रिवन मॉडल अपना रही हैं, जिससे पारंपरिक नौकरियों पर दबाव बढ़ रहा है। अमेजन की यह छंटनी आने वाले समय में वैश्विक टेक इंडस्ट्री और रोजगार बाजार पर गहरा असर डाल सकती है।









