
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। भारत ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई, लेकिन साथ ही पाकिस्तान द्वारा बाहरी देशों पर आरोप लगाने की कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, यह हमला शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुआ, जब बड़ी संख्या में लोग मस्जिद में मौजूद थे। हमलावर ने पहले सुरक्षा कर्मियों पर गोलीबारी की और फिर अंदर जाकर खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। इस घटना में कम से कम 30 से अधिक लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग घायल हुए बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद पाकिस्तान के कुछ अधिकारियों ने इस हमले के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ होने का दावा किया। भारत ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” और “निरर्थक” बताते हुए खारिज कर दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के आरोप वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं।
भारत ने अपने बयान में यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपनी सामाजिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का समाधान खुद करना चाहिए, बजाय इसके कि हर आतंकी घटना के लिए पड़ोसी देशों को जिम्मेदार ठहराया जाए। मंत्रालय ने कहा कि दूसरों पर दोष मढ़ना पाकिस्तान की “घरेलू समस्याओं” से ध्यान हटाने जैसा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले की निंदा की गई है और कई देशों ने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। यह हमला हाल के वर्षों में इस्लामाबाद में हुए सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है।









