
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, अमेरिका 7 फरवरी से भारतीय उत्पादों पर लगाई गई अतिरिक्त 25% ड्यूटी हटाने जा रहा है। इस कदम को दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला हाल ही में घोषित अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे के तहत लिया गया है। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना, टैरिफ बाधाओं को कम करना और निवेश के नए अवसर तैयार करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त शुल्क हटने से भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का मौका मिलेगा। खासतौर पर विनिर्माण, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और कुछ कृषि उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
सरकार का कहना है कि इस कदम से भारतीय उद्योगों को राहत मिलेगी और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह फैसला दोनों देशों के बीच व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
दोनों देशों के अधिकारियों के बीच आगे भी बातचीत जारी रहने की उम्मीद है, ताकि व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत किया जा सके।









