Protests Flare in Manipur Over: सरकार में Kuki-Zo विधायकों को लेकर भड़के प्रदर्शन |

मणिपुर में सरकार में कूकी-जो समुदाय के विधायकों की भागीदारी को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। राज्य के कुछ हिस्सों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर इस मुद्दे पर अपनी नाराज़गी जताई और सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौजूदा राजनीतिक हालात में कूकी-जो विधायकों को सरकार में शामिल करना क्षेत्रीय संतुलन और शांति प्रयासों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि इससे राज्य में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ सकता है।

वहीं, सरकार से जुड़े कुछ नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रक्रिया का हिस्सा बनने का अधिकार है। उनका मानना है कि राजनीतिक भागीदारी से संवाद और समाधान की दिशा में रास्ता खुल सकता है।

राज्य के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

मणिपुर पिछले कुछ समय से जातीय तनाव और हिंसा की घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में स्थायी शांति के लिए राजनीतिक संवाद, विश्वास बहाली और विकास संबंधी कदमों की जरूरत है।

  • palak jain

    palak jain

    Related Posts

    देहरादून में भाजपा मंडल प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ, मुख्यमंत्री धामी ने किया संबोधित

    देहरादून (उत्तराखंड): भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के तहत मंडल स्तर पर प्रशिक्षण…

    आगे पढ़ें
    श्रीलंका के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी का किया आभार व्यक्त, ईंधन संकट के बीच मिली राहत

    कोलंबो/नई दिल्ली: श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने रविवार 29 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    धर्मांतरण के खिलाफ केंद्र में बने कड़ा कानून: राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी की मांग

    धर्मांतरण के खिलाफ केंद्र में बने कड़ा कानून: राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी की मांग

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?