
मणिपुर में सरकार में कूकी-जो समुदाय के विधायकों की भागीदारी को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। राज्य के कुछ हिस्सों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर इस मुद्दे पर अपनी नाराज़गी जताई और सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौजूदा राजनीतिक हालात में कूकी-जो विधायकों को सरकार में शामिल करना क्षेत्रीय संतुलन और शांति प्रयासों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि इससे राज्य में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ सकता है।
वहीं, सरकार से जुड़े कुछ नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रक्रिया का हिस्सा बनने का अधिकार है। उनका मानना है कि राजनीतिक भागीदारी से संवाद और समाधान की दिशा में रास्ता खुल सकता है।
राज्य के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
मणिपुर पिछले कुछ समय से जातीय तनाव और हिंसा की घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में स्थायी शांति के लिए राजनीतिक संवाद, विश्वास बहाली और विकास संबंधी कदमों की जरूरत है।









