
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में गर्भवती महिला और उसके पति के साथ कथित पुलिस ज्यादती के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ गए। आक्रोशित भीड़ ने किरनापुर थाने पर पथराव कर दिया। घटना में सात पुलिसकर्मियों समेत 16 लोग घायल हुए। भीड़ ने थाने में घुसने की कोशिश भी की, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर स्थिति को नियंत्रित किया।
गर्भवती महिला से कथित मारपीट के बाद प्रदर्शन
मामला बालाघाट जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र का है। यहां सावित्री चौधरी और उनके पति कैलाश चौधरी की गिरफ्तारी के बाद थाने में महिला के साथ कथित अमानवीय व्यवहार के आरोप सामने आए थे। इसी मामले को लेकर मरार माली समाज की ओर से मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान भीड़ और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग किरनापुर थाने के अंदर जाने की कोशिश करने लगे।
सात पुलिसकर्मी घायल
पथराव में एसडीओपी दीपक तोमर समेत सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों में निरीक्षक जितेंद्र चौहान, शैलेंद्र पटेल, एसडीओपी के वाहन चालक आलोक, प्रधान आरक्षक वर्षा और महिला आरक्षक अंबिका व अविषा भी शामिल हैं।
कुल 16 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को पहले किरनापुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ लोगों को महाराष्ट्र के गोंदिया अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे
भीड़ को थाने में प्रवेश करने से रोकने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश भी की।
एसपी आदित्य मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। पुलिस अब पथराव करने वालों की पहचान कर उनसे पूछताछ कर रही है।
चोरी के शक में गिरफ्तार हुए थे दंपती
जानकारी के मुताबिक, दो सितंबर को पुलिस ने मुंडेसरा पंचायत के टिमकीटोला निवासी कैलाश चौधरी और उनकी गर्भवती पत्नी सावित्री को चोरी के संदेह में गिरफ्तार किया था।
परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया कि थाने में महिला के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने अमानवीय व्यवहार किया और उसे निर्वस्त्र कर मारपीट की गई। आरोपों के मुताबिक, महिला बेहोश होने तक पीटी गई। उसके शरीर पर चोट के निशान होने की बात भी सामने आई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की स्थिति इस रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है।
शिकायत के बाद चार पुलिसकर्मी निलंबित
सात सितंबर को महिला के परिजन उसे खाट पर लेकर कलेक्टर के पास शिकायत करने पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
अब इसी मामले को लेकर प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव और थाने में घुसने के प्रयास से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। पुलिस घटना में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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