
भोपाल।आदि मिश्रा| राजधानी भोपाल में टैक्सी चालकों की हड़ताल का असर दिखाई दे रहा है। किराया बढ़ाने और अन्य मांगों को लेकर भोपाल टैक्सी चालक संघ और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर करीब 3500 कैब और टैक्सियां बंद हैं। बड़ी संख्या में चालक बोर्ड ऑफिस चौराहे पर एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। चालक मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं।
किराया बढ़ाने और न्यूनतम किराया तय करने की मांग
टैक्सी चालकों का कहना है कि मौजूदा किराया उनकी लागत के मुकाबले पर्याप्त नहीं है। चालकों ने मांग की है कि टैक्सियों का किराया कलेक्टर रेट के आधार पर तय किया जाए। यूनियन की प्रमुख मांगों में न्यूनतम किराया 100 रुपये निर्धारित करना शामिल है। चालकों का कहना है कि दूरी एक किलोमीटर हो या डेढ़ किलोमीटर, न्यूनतम किराया 100 रुपये होना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने सालाना बोनस देने की भी मांग उठाई है।
चालकों के मुताबिक वाहन चलाने के दौरान उन्हें कई तरह के नियमित खर्च उठाने पड़ते हैं। इन खर्चों के बावजूद पर्याप्त आमदनी नहीं होने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
इंश्योरेंस और परमिट पर हर साल 60-70 हजार का खर्च
प्रदर्शनकारी टैक्सी चालकों का कहना है कि इंश्योरेंस, पीयूसी, परमिट और वाहन के रखरखाव पर हर साल करीब 60 से 70 हजार रुपये तक खर्च हो जाता है। इसके अलावा ईंधन और वाहन की मरम्मत का खर्च भी उन्हें उठाना पड़ता है।
चालकों का आरोप है कि इन खर्चों के मुकाबले उन्हें टैक्सी संचालन से पर्याप्त आय नहीं मिल रही है। इसलिए सरकार को किराया तय करते समय टैक्सी चालकों की लागत और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।
बाहरी कंपनियों की टैक्सियों पर रोक की मांग
टैक्सी यूनियन ने बाहरी कंपनियों की प्राइवेट टैक्सियों के संचालन पर रोक लगाने की मांग भी की है। चालकों का आरोप है कि बाहरी कंपनियों की टैक्सियों से स्थानीय टैक्सी व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
उनका कहना है कि स्थानीय टैक्सी चालकों को भी समान अवसर मिलना चाहिए। प्रदर्शनकारी चालकों ने सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।
बोर्ड ऑफिस चौराहे पर प्रदर्शन, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बड़ी संख्या में टैक्सी चालक एकत्र हुए हैं। यहां चालक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है।
टैक्सी यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हड़ताल के कारण शहर में कैब और टैक्सी सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है।
भोपाल में करीब 3500 टैक्सी और कैब के बंद रहने से टैक्सी सेवा प्रभावित हुई है। चालक किराया बढ़ाने, न्यूनतम 100 रुपये किराया तय करने, कलेक्टर रेट लागू करने और बाहरी कंपनियों की टैक्सियों पर रोक समेत कई मांगें उठा रहे हैं। अब सरकार की प्रतिक्रिया पर आंदोलन की अगली दिशा तय होगी।
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