
दमोह: तेंदूखेड़ा विकासखंड के दसोंदी माल गांव में स्थित प्रसिद्ध बलखंडन खेर माता धाम में चैत्र नवरात्रि की नवमी पर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। चिलचिलाती धूप और 38 डिग्री तापमान के बावजूद हजारों श्रद्धालु नंगे पैर दंडवत करते हुए माता के दरबार तक पहुंचे।
सिलसिलेवार भक्ति गीतों, जयकारों और ढोल-नगाड़ों के साथ पहाड़ी मार्ग पर निकली फेरी ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी करने के लिए तपती जमीन पर शरीर को धरती से स्पर्श करते हुए आगे बढ़ते रहे।
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मान्यता है कि जिन भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, वे नवमी के दिन दंडवत करते हुए माता के दरबार पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु नौ दिनों का व्रत रखकर यहीं आकर व्रत खोलते हैं। इस अवसर पर 25 से 30 गांवों से लाए गए जवारों का विसर्जन भी किया गया, जिससे यह आयोजन एक विशाल मेले में तब्दील हो गया।
बलखंडन माता मंदिर में महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और बच्चों सहित सभी वर्ग के लोग मां की भक्ति में लीन दिखाई दिए। दसोंदा, वीजा डोंगरी और खेड़ा क्षेत्र के जवारों ने उत्सव में विशेष आकर्षण जोड़ा।
ग्राम पंचायत दिनारी के सरपंच प्रतिनिधि भोजराज जैन ने बताया कि माता धाम क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि पंचायत द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं और आने वाले समय में और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। वन विभाग क्षेत्र में होने के कारण अपेक्षित स्तर पर विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
करीब 700 की आबादी वाले दसोंदी गांव में लगभग 80% मुस्लिम समाज के लोग निवास करते हैं। यहां धार्मिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिलती है। मुस्लिम समुदाय के लोग भी बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग में सक्रिय रहे।
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