
भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच करीब 18 साल की लंबी बातचीत के बाद ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति बन गई है। इस समझौते के तहत इम्पोर्टेड लग्जरी कारों पर लगने वाला भारी टैक्स पहले 110% था, जिसे धीरे-धीरे घटाकर केवल 10% तक लाया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम BMW, Mercedes, Audi जैसी प्रीमियम कारों को भारतीय बाजार में काफी सस्ता और किफायती बना सकता है।
कारों के अलावा यूरोपीय प्रीमियम शराब और वाइन पर टैक्स में भी बड़े बदलाव की घोषणा की गई है। अभी तक प्रीमियम शराब पर लगभग 150% टैक्स लगता था, जिसे नई डील के बाद लगभग 20% तक घटा दिया जाएगा, जिससे स्कॉच, फ्रेंच वाइन और अन्य प्रीमियम ब्रांड्स की कीमतों में उल्लेखनीय कमी की उम्मीद है।
यह समझौता सिर्फ वाहनों और शराब तक सीमित नहीं है, बल्कि EU से आयात होने वाले कई उपभोक्ता वस्तुओं, औद्योगिक सामान और खाद्य पदार्थों पर भी टैक्स कटौती होगी। बेहतर बाजार पहुंच, निवेश अवसरों का विस्तार और ट्रेड वैल्यू चेन को मजबूती देने वाला यह FTA भारत-EU ट्रेड रिश्तों में एक नया अध्याय खोलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और EU प्रतिनिधि इस समझौते को विशाल आर्थिक साझेदारी करार दे रहे हैं, जो भारत के निर्यात और आयात दोनों पक्षों में संतुलन बढ़ाएगा और वैश्विक व्यापार पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। हालांकि अभी भी इसे लागू करने के लिए कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी करनी हैं और यह 2026-27 में लागू होना शुरू हो सकता है।









