जबलपुर में धान परिवहन: 34 करोड़ के धान परिवहन मामले में HC सख्त

जबलपुर। मध्य प्रदेश में धान परिवहन से जुड़े कथित घोटाले के मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मामले की जांच को व्यापक करते हुए सभी जिलों में धान परिवहन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच के निर्देश दिए हैं। कलेक्टरों से भी रिपोर्ट मांगी गई है। जबलपुर में सामने आई अनियमितताओं ने धान की खरीदी, मिलिंग और परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। 

जबलपुर में धान परिवहन में सामने आई थीं अनियमितताएं

जबलपुर में धान परिवहन से जुड़े मामले की जांच में दस्तावेजों और वास्तविक परिवहन के बीच गंभीर अंतर सामने आया था। पूर्व में हुई जांच के मुताबिक 614 परिवहन यात्राएं रिकॉर्ड में दर्ज थीं, लेकिन इनमें से 571 यात्राओं का संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से सत्यापन नहीं हो सका था। जांच में कुछ ऐसे वाहन भी सामने आए थे, जिनके नंबर कार, बस, ट्रैक्टर या अन्य वाहनों से जुड़े पाए गए। 

जांच में यह भी सामने आया था कि कुछ वाहनों की क्षमता से कई गुना अधिक माल परिवहन दिखाया गया। अधिकारियों के मुताबिक इन गड़बड़ियों के आधार पर धान के वास्तविक परिवहन और रिकॉर्ड में दर्ज परिवहन के बीच अंतर की आशंका सामने आई थी। मामले में पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज किए थे। 

यह भी पढ़े: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शौर्य स्मारक पहुंचे सीएम मोहन यादव

 

हाई कोर्ट ने सभी जिलों की जांच के दिए निर्देश

जबलपुर से जुड़े कथित धान घोटाले के बाद अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। हाई कोर्ट ने सभी जिलों में धान परिवहन से जुड़ी व्यवस्था की जांच कराने और कलेक्टरों से रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं अन्य जिलों में भी परिवहन के रिकॉर्ड और वास्तविक आवाजाही में इसी तरह की गड़बड़ी तो नहीं हुई।

इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में धान और चावल से जुड़े एक अलग कथित घोटाले की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर भी राज्य सरकार को नोटिस जारी किया जा चुका है। 

जांच में सामने आए थे फर्जी वाहन और कागजी परिवहन के आरोप

जबलपुर मामले की शुरुआती जांच में आरोप सामने आया था कि कुछ धान को कागजों में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया गया, जबकि वास्तविक परिवहन नहीं हुआ। जांच में 44 वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी पाए जाने की बात सामने आई थी। वहीं कुछ वाहनों को एक ही दिन में असंभव दूरी तय करते हुए रिकॉर्ड में दिखाया गया था। 

ऐसी अनियमितताओं के चलते सरकारी धान की खरीद, परिवहन और मिलिंग प्रक्रिया की निगरानी पर सवाल उठे हैं। अब सभी जिलों से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला केवल जबलपुर तक सीमित था या प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी गड़बड़ियां सामने आती हैं।

जबलपुर के धान परिवहन मामले में हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद जांच का दायरा प्रदेशभर तक बढ़ गया है। सभी जिलों के कलेक्टरों से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद धान परिवहन व्यवस्था की स्थिति सामने आने की उम्मीद है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी किन लोगों पर तय होती है।

यह भी पढ़े: 14 अगस्त 1917: चीन ने जर्मनी के खिलाफ क्यों किया था युद्ध का ऐलान? शान्तुंग की जमीन बनी थी बड़ी वजह

 

  • jabalpur-paddy-transport-scam-mp-high-court-statewide-probe
  • Srota Swati Tripathy

    Srota Swati Tripathy

    Related Posts

    राशन दुकानों में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई, तीन दुकानों से जुड़े लोगों पर FIR

    टीकमगढ़, 30 सितंबर 2026। जिले की शासकीय उचित मूल्य…

    बिस्कुट-नमकीन देने के बहाने बच्चियों को बुलाने का आरोप, 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

    डबरा/भितरवार, 30 सितंबर 2026। ग्वालियर जिले के भितरवार थाना…

    You Missed

    UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में MP की 4 धरोहरें, भारत की सूची में 78 स्थल

    UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में MP की 4 धरोहरें, भारत की सूची में 78 स्थल

    MP Bus Fare: सुगम परिवहन सेवा के बाद भी महंगा सफर, 1 KM के ₹2 किराये पर उठे सवाल

    MP Bus Fare: सुगम परिवहन सेवा के बाद भी महंगा सफर, 1 KM के ₹2 किराये पर उठे सवाल

    कांग्रेस पर भाजपा का बड़ा हमला, बिहारीलाल आर्य बोले- संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप हताशा का प्रतीक

    कांग्रेस पर भाजपा का बड़ा हमला, बिहारीलाल आर्य बोले- संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप हताशा का प्रतीक

    उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर बवाल, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

    उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर बवाल, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

    पीएचसी सालोन-बी में सीएमएचओ का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सुपरवाइजर और डीईओ को नोटिस

    पीएचसी सालोन-बी में सीएमएचओ का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सुपरवाइजर और डीईओ को नोटिस