
झाँसी/ राजकुमार शर्मा: झाँसी में नगरायुक्त एवं झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अन्ना सुदन ने बुधवार, 24 सितंबर को स्मार्ट सिटी की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने पूरी हो चुकी परियोजनाओं और संबंधित विभागों को हस्तांतरित परिसंपत्तियों का अधिकतम जनोपयोग सुनिश्चित करने, नियमित अनुरक्षण कराने और नागरिकों को सुविधाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए।
नगरायुक्त, झाँसी नगर निगम एवं झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अन्ना सुदन ने 24 सितंबर को नगर निगम भवन के तृतीय तल स्थित इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर के सभाकक्ष में झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की।
बैठक के दौरान स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, उनके उपयोग और उनसे जुड़े राजस्व संबंधी पहलुओं पर चर्चा की गई। सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी परियोजनाएं, जिन्हें संबंधित विभागों को हस्तांतरित किया जा चुका है और जिनसे राजस्व प्राप्त हो रहा है, उनके मूल उद्देश्यों से जुड़ी जानकारी और आंकड़े नियमित रूप से संबंधित संस्थाओं से प्राप्त किए जाएं।
परियोजनाओं का अधिकतम जनोपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश
समीक्षा के दौरान अधिकारियों को कहा गया कि झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पूरी की गई परियोजनाओं और नागरिकों को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए परियोजनाओं से जुड़ी परिसंपत्तियों का उचित रखरखाव और नियमित अनुरक्षण कराने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
सीईओ ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत तैयार की गई विभिन्न परियोजनाओं और सुविधाओं के बारे में आम नागरिकों को पर्याप्त जानकारी मिलनी चाहिए। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता और प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि नागरिक उपलब्ध सुविधाओं का सही तरीके से और अधिकतम उपयोग कर सकें।
राजस्व बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने पर जोर
बैठक में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रत्येक परियोजना की उपयोगिता, जनहित, दीर्घकालिक रखरखाव और परिसंपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए काम करने के निर्देश दिए गए। साथ ही परियोजनाओं और मौजूदा परिसंपत्तियों से राजस्व सृजन की संभावनाओं को भी चिन्हित करने को कहा गया।
अधिकारियों से कहा गया कि ऐसी व्यवस्थाओं और संभावनाओं की पहचान की जाए, जिनके जरिए मौजूदा सुविधाओं का अधिकतम उपयोग हो सके। इससे एक ओर नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी, वहीं दूसरी ओर झाँसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के राजस्व में भी वृद्धि की जा सकेगी।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि स्मार्ट सिटी के तहत बनाई गई परिसंपत्तियां केवल तैयार होकर सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रभावी संचालन, रखरखाव और जनहित में उपयोग लगातार सुनिश्चित किया जाए।
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