
ब्रांडवाणी डेस्क: कोलकाता में स्थित (गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स) ने सोमवार को भारतीय नौसेना को एक ही दिन में तीन नए युद्धपोत सौंपे। एक ही दिन में तीन जहाजों की यह डिलीवरी बेहद दुर्लभ मानी जाती है और इसे रक्षा उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सबसे अहम जहाज आईएनएस दुनागिरी है, जो नीलगिरि श्रेणी के फ्रिगेट का पांचवां युद्धपोत है। यह उन्नत स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है, जिसे पहले की शिवालिक श्रेणी से ज्यादा आधुनिक और स्वचालित बनाया गया है। इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, अत्याधुनिक रडार, MRSAM (मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल प्रणाली), 76 मिमी तोप और पनडुब्बी रोधी हथियार लगाए गए हैं।
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इसके अलावा नौसेना को सर्वेक्षण पोत INS Sanshodhak (आईएनएस संशोधक) भी सौंपा गया। करीब 3400 टन वजनी और 110 मीटर लंबा यह जहाज समुद्र की गहराई और नौवहन मार्गों का सर्वे करने के लिए तैयार किया गया है। इसमें आधुनिक हाइड्रोग्राफिक उपकरण, स्वायत्त पानी के भीतर चलने वाले यंत्र, रिमोट ऑपरेटेड व्हीकल और साइड स्कैन सोनार लगाए गए हैं, जिनसे समुद्र से जुड़े वैज्ञानिक और सामरिक आंकड़े जुटाए जाएंगे।
तीसरा युद्धपोत INS Agray (आईएनएस अग्रय) है, जो Arnala-class ASW SWC (अर्नाला श्रेणी के एंटी-सबमरीन शैलो वाटर क्राफ्ट)का चौथा जहाज है। लगभग 77 मीटर लंबा यह युद्धपोत तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए बनाया गया है। इसमें हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और उथले पानी में काम करने वाले सोनार सिस्टम लगाए गए हैं।
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स अब तक कुल 118 युद्धपोत बना चुका है, जिनमें से 80 भारतीय नौसेना को सौंपे गए हैं। इन नए जहाजों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री शक्ति, तटीय सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक उपस्थिति और मजबूत होगी।
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