
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से स्थानीय प्रशासन और निकाय चुनाव के बाद का एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। धौरहरा तहसील के अंतर्गत आने वाली नगर पंचायत धौरहरा में इन दिनों भ्रष्टाचार और धांधली का खेल धड़ल्ले से चल रहा है, जिस पर जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानकर भी पूरी तरह अनजान बने हुए हैं।
पूरा मामला नगर पंचायत धौरहरा द्वारा बाजार में बनाई गई सरकारी दुकानों के आवंटन से जुड़ा है। आरोप है कि नगर पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से एक ही दुकान को दो अलग-अलग व्यक्तियों को आवंटित कर दोनों से पैसे वसूल लिए गए। इस बंदरबांट में एक तरफ संतोष चौरसिया नाम के व्यक्ति को तो दुकान की आधिकारिक रसीद दे दी गई, लेकिन दूसरी तरफ इसी दुकान के एवज में ‘मुंशी पुत्र बांन्धा’ नाम के एक अन्य व्यक्ति से भी मोटी रकम ऐंठ ली गई।
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित मुंशी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में पीड़ित मुंशी साफ तौर पर यह कहते हुए नजर आ रहा है कि नगर पंचायत के बाबू नौमान और वहां के बड़े अधिकारियों ने दुकान दिलाने के नाम पर उससे नगद रुपए ऐंठ लिए, लेकिन उसे आज तक कोई रसीद नहीं दी गई। एक ही दुकान पर दो दावेदार होने और रसीद के नाम पर सीधे तौर पर घूसखोरी का यह वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय दुकानदारों और जनता में भारी आक्रोश है। इस खुले भ्रष्टाचार के बावजूद नगर पंचायत के आला अधिकारियों की चुप्पी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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