
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती रंगमंच महोत्सव का उद्घाटन किया। यह आठ दिन का थिएटर फेस्टिवल 5 से 12 अप्रैल तक भारतेंदु नाट्य अकादमी के राज बिसारिया प्रेक्षागृह और बीएम शाह ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है।महोत्सव के दौरान योगी आदित्यनाथ ने रंगकर्मियों, थिएटर कलाकारों और अकादमी के पूर्व व वर्तमान विद्यार्थियों को सम्मानित किया तथा स्वर्ण जयंती समारोह की गरिमामयी शुरुआत की। इस अवसर पर महोत्सव की उपलब्धियों और नाट्यकला के विकास पर भी चर्चा हुई।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंती बाई, वीरांगना झलकारी बाई और महाराज बिजली पासी जैसे वीरों को नाट्य अकादमियों के माध्यम से नाटकों में प्रमुखता से प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि उनकी वीर गाथाओं और देशभक्ति की कहानियों को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जा सके। उन्होंने कहा कि उन खलनायकों और दुष्टों को भी ठीक उसी रूप में पेश करना चाहिए, जैसा कि उपन्यास आनंदमठ ने अपने साहसिक ढंग से दर्शाया था. इस प्रकार से इतिहास की सच्चाई और वीरों की महत्ता जनता के सामने आए।
भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह में देशभर के थिएटर संस्थानों और कलाकारों के साथ-साथ कला प्रेमियों के लिए नाट्य प्रस्तुतियों, कार्यशालाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे अवसरों में नुक्कड़ नाटकों, मंच प्रस्तुतियों और थिएटर से जुड़े शिक्षण सत्रों की भी व्यवस्था है, जिससे नाट्य कला को और विस्तार मिले।
इस कार्यक्रम में कला, साहित्य और संस्कृति के विद्वानों के साथ-साथ राज्य के कई वरिष्ठ राजनैतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। योगी आदित्यनाथ ने कलाकारों और युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि महानायक और वीरों के चरित्र को मंच पर प्रस्तुत करना कलात्मक उत्तरदायित्व है और इससे युवा पीढ़ी में देशभक्ति और आदर्शों की भावना मजबूत होगी।
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