
मैहर: केजेएस सीमेंट प्लांट का मुख्य मार्ग इन दिनों अव्यवस्था और लापरवाही का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि यह सड़क अब आम लोगों के आवागमन का रास्ता कम और ट्रांसपोर्टरों का स्थायी स्टैंड ज्यादा नजर आने लगी है। ओवरलोड लाइम स्टोन से भरे ट्रकों की लंबी कतारें दिनभर सड़क पर खड़ी रहती हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
सबसे ज्यादा खराब स्थिति मैहर हाईवे पर स्थित केजेएस जीरो प्वाइंट की बताई जा रही है। यहां ओवरलोड ट्रकों के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन जाती है। न तो वाहनों के सुचारू संचालन की कोई व्यवस्था दिखाई देती है और न ही ट्रकों के खड़े होने पर कोई नियंत्रण नजर आता है, जिससे स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस मार्ग पर फर्जी ट्रांजिट पास (टीपी) काटने का खेल भी खुलेआम चल रहा है। आरोप है कि कई वाहन बिना वैध दस्तावेजों के ही खनिज परिवहन कर रहे हैं, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है।
इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इक्षापूर्ति मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालु, आसपास के ग्रामीण और राहगीर रोजाना दुर्घटनाओं के खतरे के बीच इस रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की लापरवाही के कारण ट्रांसपोर्टरों के हौसले बढ़ गए हैं। हैरानी की बात यह भी बताई जा रही है कि जिले के पुलिस अधीक्षक का आवागमन भी इसी मार्ग से होता है, लेकिन समस्या अब तक जस की तस बनी हुई है। लगातार बिगड़ते हालात को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही ओवरलोडिंग, अवैध खनिज परिवहन और सड़क जाम की समस्या पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
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