
खंडवा/नितिन झवर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती महाराज के संग ओंकारेश्वर में पंच दिवसीय आचार्य शंकर प्रकटोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘एकात्म पर्व’ को दीप प्रज्वलित कर आरंभ किया।
इस आयोजन के पहले मुख्यमंत्री ने ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन-पूजन कर प्रदेश की समृद्धि और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की, साथ ही कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में हुआ। इस दौरान विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता भिड़े और स्वामी शारदानंद सरस्वती भी उपस्थित रहे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अद्वैत लोक और अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और वैदिक अनुष्ठान में भाग लिया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में एकात्म धाम के द्वितीय चरण में आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर केंद्रित अद्वैत लोक संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है। मई 2025 में कैबिनेट की बैठक में ‘अद्वैत लोक’ संग्रहालय के निर्माण हेतु 2195 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
अद्वैतामृतम् – विमर्श सभा में विचारों का आदान-प्रदान
अद्वैत वेदांत की समकालीन परंपराओं पर आधारित ‘अद्वैतामृतम् – विमर्श सभा’ में विभिन्न विषयों पर संवाद जारी है। पहले दिन के सत्र में ‘अद्वैत एवं Gen-Z’ जैसे समसामयिक विषयों पर स्वामी स्वात्मानंद सरस्वती, स्वामिनी ब्रह्मप्रज्ञानंद सरस्वती, सतावधानी ललितादित्य और विशाल चौरसिया ने युवाओं के नजरिए से अद्वैत की व्याख्या की। उड़िया बाबा पर माँ पूर्णप्रज्ञा, स्वामी प्रणवानंद सरस्वती और आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण (अयोध्या) ने दार्शनिक पहलुओं पर चर्चा की।
इस कार्यक्रम में विविधता और गहन संवाद के माध्यम से अद्वैत वेदांत की गहरी समझ को जनमानस के लिए बढ़ावा देने का एक प्रयास है, जो विभिन्न परंपराओं और विचारधाराओं को एक मंच पर लाता है।
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