
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में लगातार भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पिछले 24 घंटे में जिले में 187 मिमी बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश और नदी-नालों के उफान के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है। करीब 50 गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन और राहत-बचाव टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
नदियां उफान पर, कई गांवों का संपर्क टूटा
लगातार बारिश के कारण रीवा की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। टमस और बेलन नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बीहर नदी के बैराज के सभी 18 गेट और बकिया बराज के 14 गेट खोले जाने की जानकारी सामने आई है।
बाढ़ और जलभराव के कारण तराई क्षेत्र के करीब 150 गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। इनमें 50 से अधिक गांवों का मुख्य सड़कों से संपर्क टूट गया है। निचले इलाकों में स्थित बस्तियों और खेतों में भी पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
136 लोगों का रेस्क्यू, 2200 से ज्यादा राहत शिविरों में
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। आपदा प्रबंधन और एसडीईआरएफ की टीमों ने संवेदनशील इलाकों से 136 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
वहीं करीब 2,200 प्रभावित लोगों को 27 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। शिविरों में भोजन, पेयजल और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन भी कर रही हैं।
अगले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक रीवा सहित विंध्य क्षेत्र में बारिश का दौर अभी जारी रह सकता है। ऐसे में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। राहत और बचाव दल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
ये भी पढ़े – मुख्यमंत्री मोहन यादव का खजुराहो एयरपोर्ट पर आत्मीय स्वागत
- rewa-flood-update-187-mm-rain-50-villages-rescue-relief-camps








