
सागर।मनीष कुमार चौबे| मध्य प्रदेश के सागर जिले में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। केसली ब्लॉक में पदस्थ एक एएनएम (महिला स्वास्थ्यकर्मी) से कथित तौर पर फर्जी नायब तहसीलदार बनकर ₹60 हजार की ठगी कर ली गई। आरोप है कि जालसाज ने सरकारी बजट जारी कराने का झांसा देकर मोबाइल में ऐप डाउनलोड कराया और तीन बैंक खातों से राशि ट्रांसफर करा ली। पीड़िता ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है।
नायब तहसीलदार बताकर किया फोन
जानकारी के अनुसार, केसली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत मोहासा उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एएनएम मीना पटेल को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को नायब तहसीलदार अशोक मीणा बताते हुए कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र के रखरखाव और मरम्मत के लिए शासन से बजट स्वीकृत हुआ है।
ऐप डाउनलोड कराकर तीन खातों से निकाले पैसे
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने सरकारी राशि जारी कराने की प्रक्रिया बताकर मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड कराया। इसके बाद कथित रूप से बातों में उलझाकर उनके तीन अलग-अलग बैंक खातों से कुल ₹60 हजार ट्रांसफर कर लिए। खाते से रकम कटने के बाद उन्हें ठगी का पता चला।
अन्य कर्मचारियों को भी बनाया निशाना
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी ने स्वास्थ्य विभाग के कुछ अन्य कर्मचारियों से भी इसी तरह संपर्क कर ठगी का प्रयास किया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस जांच जारी है।
साइबर सेल कर रही जांच
सागर पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल फोन नंबरों और जिन बैंक खातों में राशि ट्रांसफर हुई, उनकी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
साइबर सुरक्षा सलाह
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड न करें और न ही बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करें। किसी भी सरकारी विभाग द्वारा बजट या सरकारी राशि जारी करने के लिए निजी ऐप डाउनलोड करने या पहले पैसे जमा कराने की मांग नहीं की जाती।
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