सागर से खजुराहो-भीमबेटका तक बनेगा नया पर्यटन सर्किट, बुंदेलखंड-मालवा की विरासत से जुड़ेंगे प्रमुख स्थल

सागर, 4 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सागर से खजुराहो और भीमबेटका सहित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ने वाले पर्यटन सर्किट की दिशा में पहल की जा रही है। प्रस्तावित सर्किट से बुंदेलखंड और मालवा क्षेत्र के प्रमुख विरासत स्थलों को एक पर्यटन मार्ग से जोड़ने और पर्यटकों को एक साथ कई ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा का अवसर देने की योजना है। मध्य प्रदेश पहले से ही खजुराहो, भीमबेटका, ओरछा, सांची और मांडू जैसे विरासत स्थलों के लिए जाना जाता है।

खजुराहो से भीमबेटका तक विरासत की अलग-अलग तस्वीर

प्रस्तावित पर्यटन सर्किट की खासियत यह होगी कि इसमें मध्य प्रदेश की अलग-अलग ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ जोड़ा जा सकेगा। खजुराहो के मंदिर चंदेल काल की स्थापत्य कला और मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन के अनुसार खजुराहो के मंदिरों का निर्माण करीब 950 से 1050 ईस्वी के बीच हुआ था। यहां हिंदू और जैन परंपरा से जुड़े मंदिरों का समूह मौजूद है।

दूसरी ओर भीमबेटका प्रागैतिहासिक मानव जीवन के प्रमाणों के लिए महत्वपूर्ण है। यहां स्थित शैलाश्रयों में हजारों वर्ष पुराने शैलचित्र मौजूद हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में शामिल प्रमुख आकर्षण के रूप में बताता है।

इस तरह एक ही पर्यटन यात्रा में पर्यटकों को प्राचीन शैलचित्रों से लेकर मध्यकालीन मंदिर स्थापत्य तक की झलक मिल सकती है।

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बुंदेलखंड और मालवा के पर्यटन स्थलों को मिलेगा फायदा

पर्यटन सर्किट का दायरा केवल खजुराहो और भीमबेटका तक सीमित नहीं रहेगा। मध्य प्रदेश में ओरछा, ग्वालियर, मांडू और सांची जैसे प्रमुख विरासत स्थल भी पर्यटन मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। राज्य पर्यटन विभाग की विभिन्न यात्राओं में ओरछा, खजुराहो और भीमबेटका को एक ही यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

ऐसे सर्किट विकसित होने से स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। होटल, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प, गाइड और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों को पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही का लाभ मिल सकता है।

सर्किट के विकसित होने से पर्यटकों को अलग-अलग स्थानों की जानकारी एक साथ मिल सकेगी और मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को एक व्यापक पर्यटन अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा। हालांकि, प्रस्तावित सर्किट का अंतिम स्वरूप, मार्ग और सुविधाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित विभागों की आगामी योजना और आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

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Srota Swati Tripathy

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