
सागर (मप्र)।मनीष कुमार चौबे| सावन मास के अंतिम सोमवार पर सागर के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 9 दिवसीय पार्थिव शिवलिंग निर्माण और पूजन कार्यक्रम के समापन अवसर पर विशेष रुद्राभिषेक एवं महापूजन किया गया। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयकारों से गूंजता रहा।
सुबह से मंदिर में जुटे श्रद्धालु
अंतिम सोमवार को विशेष पूजन के लिए सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे। मंदिर के पुजारी के अनुसार सुबह 8 बजे से 11 बजे तक श्रद्धालुओं ने पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया। इसके बाद सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक भगवान पशुपतिनाथ का विशेष रुद्राभिषेक और महापूजन संपन्न हुआ।
श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जल और अन्य पूजन सामग्री से अभिषेक कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा।
9 दिनों में बनाए गए 51 हजार पार्थिव शिवलिंग
आयोजकों के अनुसार 9 दिवसीय धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन 51 हजार पार्थिव शिवलिंग बनाए गए और उनका विधि-विधान से पूजन किया गया। अंतिम सोमवार को इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ।
पार्थिव शिवलिंग निर्माण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूजा और रुद्राभिषेक के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आए।
30 वर्षों से चली आ रही परंपरा
पशुपतिनाथ मंदिर में पार्थिव शिवलिंग निर्माण और रुद्राभिषेक की यह परंपरा करीब 30 वर्षों से लगातार चली आ रही है। नाग पंचमी से शुरू होने वाला यह आयोजन प्रदोष तक चलता है।
हर साल सावन के दौरान आयोजित होने वाले इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। आयोजन के जरिए श्रद्धालु सामूहिक रूप से भगवान शिव की आराधना करते हैं।
पार्थिव शिवलिंग पूजन का धार्मिक महत्व
सनातन परंपरा में पार्थिव शिवलिंग यानी मिट्टी से बने शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कलियुग में पार्थिव शिवलिंग का पूजन विशेष फलदायी माना जाता है।
सावन में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और रुद्राभिषेक भगवान शिव की आराधना का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। श्रद्धालु इस पूजा के माध्यम से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना करते हैं।
अंतिम सोमवार पर रुद्राभिषेक और महापूजन के साथ आयोजन संपन्न हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखने को मिला।
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