
सीहोर: बुधनी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत डाबरी के अंतर्गत वन क्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण के प्रयास को वन अमले ने विफल कर दिया। कार्रवाई के दौरान करीब 2.991 हेक्टेयर वन भूमि पर किए जा रहे अतिक्रमण के प्रयास को रोका गया। मौके से 2.556 घन मीटर इमारती सागौन जब्त की गई है। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
वन भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास नाकाम
मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के सीहोर परियोजना मंडल के वन अमले को डाबरी के वन क्षेत्र में अतिक्रमण के प्रयास की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए वन भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास रोक दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण के लिए काटी गई 2.556 घन मीटर इमारती सागौन वन उपज जब्त कर नियमानुसार अभिरक्षा में ली गई।
चार आरोपी गिरफ्तार
मामले में ग्राम भूराखेड़ा निवासी महेश आत्मज गिरदार बारेला (32), पांडिया आत्मज श्रीपाल बारेला (36), राजेश आत्मज काशीराम बारेला (44) और कृपाल आत्मज सुतार बारेला (33) को गिरफ्तार किया गया। चारों आरोपियों को भेरूंदा न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। अतिक्रमण के प्रयास में उपयोग किए गए ट्रैक्टर को भी जब्त किया गया है। ट्रैक्टर के राजसात की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा आरोपी महेश आत्मज गिलदार बारेला के निवास से चार नग कुल्हाड़ी भी जब्त की गई हैं।
वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज
वन विभाग के अनुसार मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26 के प्रावधानों तथा वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अतिक्रमण के प्रयास से प्रभावित वन भूमि को पुनः हराभरा करने के उद्देश्य से 8 हजार सागौन के पौधों का रोपण भी शुरू किया जा रहा है। वन विभाग की कार्रवाई के बाद अब क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण के प्रयासों को लेकर सख्ती के संकेत मिले हैं। विभाग का कहना है कि वन भूमि की सुरक्षा के लिए आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
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