
मुंबई: पश्चिम एशिया में जारी कूटनीतिक तनाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल की चिंताओं के बीच घरेलू शेयर बाजार हफ्ते के पहले कारोबारी दिन (सोमवार) को लाल निशान में बंद हुआ। हालांकि सेंसेक्स और निफ्टी ने दिन की शुरुआत मजबूती के साथ की थी, लेकिन बाद में बिकवाली के दबाव के चलते दोनों सूचकांकों में 0.22 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
कारोबार के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 171.72 अंक (0.22%) फिसलकर 77,369.11 पर बंद हुआ। वहीं, एनएससी निफ्टी 50 इंडेक्स 32.95 अंक (0.14%) की कमजोरी के साथ 24,219.05 के स्तर पर आ गया।
1. सेंसेक्स का दायरा: सेंसेक्स पिछले बंद 77,540.83 के मुकाबले 88.72 अंक बढ़कर 77,629.56 पर खुला था। दिन के दौरान इसने 77,789.40 का उच्चतम और 77,201.66 का न्यूनतम स्तर छुआ।
2. निफ्टी की स्थिति: निफ्टी पिछले क्लोजिंग 24,252 से 33 अंक ऊपर 24,285.05 पर खुला और सत्र के दौरान 24,313 का इंट्रा-डे हाई तथा 24,144.30 का इंट्रा-डे लो बनाया।
व्यापक बाजार और सेक्टरवार प्रदर्शन
व्यापक बाजारों में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.13 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज करने में सफल रहा, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.26 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो आईटी, एनर्जी, मेटल और रियल एस्टेट को छोड़कर अन्य सभी सेक्टर्स में बिकवाली हावी रही:
1. गिरावट वाले क्षेत्र: पीएसयू बैंक इंडेक्स 1 प्रतिशत तक टूटा, जबकि प्राइवेट बैंक, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक 0.3 से 0.5 प्रतिशत के नुकसान में रहे।
2. टॉप लूजर्स: निफ्टी 50 में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और टीएमपीवी के शेयर सबसे ज्यादा टूटे।
3. टॉप गेनर्स: जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंडाल्को, टाटा स्टील, एचसीएल टेक, डॉ. रेड्डीज और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयरों में अच्छी लिवाली देखी गई।
अमेरिकी प्रतिबंधों और एफएंडओ एक्सपायरी का असर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा की आशंका के चलते निवेशकों और ट्रेडर्स ने सतर्कता बरतते हुए अपनी पोजीशन कम की, जिससे बाजार पर दबाव बना। हालांकि कारोबार के दौरान निफ्टी 24,200 के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल से नीचे चला गया था, लेकिन आखिरी समय की रिकवरी से यह इसके ऊपर बंद होने में सफल रहा।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि मंगलवार को बाजार में काफी वोलेटिलिटी रह सकती है, क्योंकि निवेशक अमेरिकी प्रतिबंधों और उस पर ईरान की प्रतिक्रिया के आधार पर ट्रेड करेंगे। इसके अलावा, एनएसई की मंथली एफएंडओ (F&O) एक्सपायरी होने के कारण भी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना है।
निफ्टी के लिए मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 24,200 से 24,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। वहीं, ऊपरी स्तर पर 24,350 को एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जिसके पार निकलने के बाद ही बाजार में नई तेजी की दिशा तय होगी।
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