
उमरिया/राकेश दर्दवंशी की रिपोर्ट: मानसून की दस्तक के बाद जिले में पहली बार हुई जोरदार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है। कुछ स्थानों पर पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त होने और तेज बहाव में बह जाने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मानपुर विकासखंड के ग्राम बरतराई में झिरझिरी नदी पर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत हाल ही में बनाए गए स्लैब के कई हिस्से तेज पानी के बहाव में बह गए। इससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है और ग्रामीणों को आवागमन के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट है। प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन समिति की बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। लोगों से नदी, नाले और तेज बहाव वाले स्थानों को पार नहीं करने की अपील की गई है। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मानसून के बाद अब तक उमरिया जिले में 88.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इनमें सबसे अधिक बारिश बांधवगढ़ तहसील में 205 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई है। वहीं पिछले वर्ष जिले में कुल औसत बारिश 942.3 मिलीमीटर दर्ज हुई थी। वर्तमान में जिले में हुई बारिश पिछले वर्ष के औसत की तुलना में काफी कम है। फिलहाल प्रशासन ने ग्रामीणों से बारिश के दौरान सावधानी बरतने और नदी-नालों के बढ़े जलस्तर से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सावधानी और सतर्कता से संभावित दुर्घटनाओं एवं जनहानि को रोका जा सकता है।
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