
उमरिया/राकेश दर्दवंशी : बड़ा गांव में पंचायत सचिव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने सचिव पर पद के दुरुपयोग और सरकारी योजनाओं में मनमानी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव की कार्यशैली के कारण कई पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक कुछ लोगों को दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि कुछ को यह कहकर योजनाओं से वंचित कर दिया गया कि उनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है। इस तरह की कार्यप्रणाली से गांव के कई लोग परेशान हैं और प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं।स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि पंचायत सचिव खुलेआम यह कहता है कि उसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का संरक्षण प्राप्त है और उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। इस कथित बयान के बाद ग्रामीणों में और अधिक नाराजगी देखने को मिल रही है।
मामले को लेकर जब जिला पंचायत उमरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ओहरिया से बात की गई, तो उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल गांव के लोग प्रशासन से पारदर्शी जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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