
ब्रांडवाणी डेस्क: मध्य पूर्व में युद्ध जैसे हालात के बीच ईरान ने एक बार फिर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक ईरानी मिसाइलों ने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया है। यह हमला उस समय हुआ है जब 28 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर संयुक्त हवाई हमला किया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने का दावा किया गया था।
ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) द्वारा जारी एक वीडियो में एक मिसाइल को पहाड़ी क्षेत्र के पीछे स्थित लक्ष्य पर गिरते हुए दिखाया गया है। प्रसारक का दावा है कि यह जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ईरानी मिसाइल हमला है। हालांकि इस हमले की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। रिपोर्टों के अनुसार जॉर्डन का हवाई क्षेत्र इज़राइली लड़ाकू विमानों के लिए ईरान तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग माना जाता है, इसलिए इस क्षेत्र की रणनीतिक अहमियत काफी ज्यादा है।
28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिकी-इज़राइली अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के बाद से ईरान लगातार अमेरिकी सैन्य ढांचे को निशाना बना रहा है। 27 मार्च को सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए ड्रोन हमले में अमेरिकी वायुसेना के ई-3 सेंट्री एयरक्राफ्ट और एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई थी।इसके अलावा 13 मार्च को हुए एक अन्य हमले में पांच KC‑135 स्ट्रैटोटैंकर ईंधन भरने वाले विमान भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद से बहरीन, कतर, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित कम से कम सात अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमले हो चुके हैं।
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