
मनीला/नई दिल्ली: फिलीपींस का दक्षिणी हिस्सा सोमवार को आए एक शक्तिशाली ऑफशोर भूकंप से दहल उठा है। रिक्टर पैमाने पर 7.8 की बेहद गंभीर तीव्रता वाले इस भूकंप के कारण कम से कम पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है और भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। इस प्राकृतिक आपदा पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए फिलीपींस सरकार और वहां की जनता के प्रति एकजुटता प्रकट की है।
पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर जताया दुख; कहा- भारत संकट में साथ खड़ा है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, “फिलीपींस के मिंडानाओ में आए विनाशकारी भूकंप के कारण हुई जानमाल की हानि और तबाही की खबर से मुझे गहरा दुख हुआ है। मेरी हार्दिक संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपनों को खोया है। मैं घायल हुए लोगों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। संकट की इस घड़ी में भारत, फिलीपींस के लोगों और वहां की सरकार के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है।”
समुद्र के 33 किमी नीचे था केंद्र, तटीय इलाकों में उठीं ऊंची लहरें
फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 7:37 बजे आया। इसकी गहराई जमीन से करीब 33 किलोमीटर नीचे मापी गई। इस विनाशकारी भूकंप का केंद्र मिंडानाओ के सारंगानी प्रांत में स्थित मासिम शहर से लगभग 32 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में समुद्र के भीतर था। यह इलाका करीब 7 लाख की आबादी वाले प्रमुख शहर ‘जनरल सैंटोस’ के नजदीक है। भूकंप के जोरदार झटकों के कारण समुद्र में करीब 1.4 मीटर तक ऊंची लहरें उठती देखी गईं।
सुनामी की चेतावनी जारी, राष्ट्रपति मार्कोस ने की ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील
भूकंप की भीषण तीव्रता को देखते हुए संस्थान ने तुरंत कदम उठाते हुए देश के नौ प्रमुख तटीय प्रांतों के लिए ‘सुनामी अलर्ट’ जारी कर दिया है। प्रशासन ने निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों को बिना वक्त गंवाए तुरंत ऊंचे स्थानों या सुरक्षित अंदरूनी इलाकों की ओर पलायन करने के निर्देश दिए हैं। आशंका जताई गई है कि सुनामी की पहली बड़ी लहरें सोमवार सुबह तक तटों से टकरा सकती हैं और इसका असर अगले कई घंटों तक बना रह सकता है।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड रोमुअलडेज मार्कोस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित इलाकों में तत्काल आपदा राहत कार्य शुरू करने और चौबीसों घंटे निगरानी रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनता से सरकारी अपीलों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को कहा है।
‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित होने के कारण मंडराता है खतरा
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप के तेज झटकों के कारण कई इमारतें भरभराकर गिर गईं और व्यापक स्तर पर बिजली गुल हो गई है, जिससे राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। मुख्य झटके के बाद भी आसपास के प्रांतों में लगातार ‘आफ्टरशॉक्स’ महसूस किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि यह भूकंप मिंडानाओ द्वीप के पास आया है, जो फिलीपींस का दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है। फिलीपींस भौगोलिक रूप से प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ (Ring of Fire) क्षेत्र में स्थित है। यह दुनिया का वह सबसे संवेदनशील हिस्सा है जहां कई टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में मिलती हैं, जिसके कारण इस पूरे क्षेत्र में अक्सर विनाशकारी भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी घटनाएं होती रहती हैं।
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