
भोपाल: मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के पूर्व कार्यपालक निदेशक डॉ. धीरेंद्र कुमार पांडे के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाते हुए राज्यपाल और लोकायुक्त को शिकायत भेजी गई है। शिकायत में परिषद के कार्यों और खर्चों में कई गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि परिषद में नियुक्ति और सेवा संबंधी नियमों में संशोधन कर पद पर बने रहने का प्रयास किया गया। दस्तावेज़ों के अनुसार पद के लिए निर्धारित पात्रता में बदलाव कर नियुक्ति प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। शिकायत में परिषद में कंप्यूटर, लैपटॉप और फर्नीचर की खरीद में वित्तीय अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन खरीद प्रक्रियाओं में लगभग 8 करोड़ रुपये तक की राशि के उपयोग में गड़बड़ी हुई।
इसके अलावा फर्जी टैक्सी परमिट और बिलों के आधार पर सरकारी राशि के भुगतान का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार इस मामले में कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी बताई गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बिना अनुमति निजी यात्राओं और अन्य खर्चों को सरकारी बिलों में शामिल किया गया। मामले में पहले भी शिकायत किए जाने का उल्लेख है, लेकिन अब तक किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। शिकायतकर्ता ने राज्यपाल और लोकायुक्त से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और सरकारी राशि की वसूली करने की मांग की है।
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