
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत के झंडे वाला एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी एलपीजी कैरियर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गया है। इस जहाज में लगभग 46,650 लेफ्टिनेंट टन एलपीजी लड़ी हुई है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बाद यह भारत की ओर आने वाला सातवां एलपीजी टैंकर है जिसने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार किया है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा उन्नयन में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है।
इससे पहले 28 मार्च को करीब 47,000 लेफ्टिनेंट टन एलपीजी लेकर जहाज एमटी जग वसंत गुजरात के वडिनार टर्मिनल पहुंचा था, जहां शिप-टू-शिप ऑपरेशन के जरिए गैस दूसरे जहाज में ट्रांसफर की जानी है।पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय जहाज और उनके क्रू पर लगातार नजर रखी जा रही है। वर्तमान में पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में 17 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं, जिनमें से 400 से अधिक भारतीय नाविक सवार हैं।
24 घंटे सक्रिय है कंट्रोल रूम
स्थिति पर नजर रखने के लिए नौवहन महानिदेशालय का कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है। कंट्रोल रूम सक्रिय होने के बाद से अब तक हजारों कॉल और ईमेल प्राप्त हुए हैं तथा 1,100 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।सूत्रों के अनुसार जरूरत पड़ने पर भारतीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत भी खड़े हो गए हैं। वहीं केंद्र सरकार क्षेत्र के देशों के साथ लगातार संपर्क में रहकर भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में जीती हुई है।
ये भी पढ़े – ईरान ने अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया: एक पायलट लापता !
- india-lpg-tanker-green-saanvi-crosses-hormuz-strait










