
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को गेहूं खरीदी की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की और अधिकारियों को किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए।बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल और सुविधाजनक बनाया जाए, ताकि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
ये भी पढ़े – भोपाल: स्व. यज्ञदत्त शर्मा को श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया सम्मान
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी खरीदी केंद्रों पर बिजली, पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, छाया, शौचालय और पार्किंग जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।सरकार के अनुसार प्रदेश में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया 10 अप्रैल से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में शुरू होगी, जबकि अन्य संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ की जाएगी। इसके लिए किसानों की स्लॉट बुकिंग 7 अप्रैल से शुरू की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष लगभग 19 लाख किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है और राज्य सरकार ने करीब 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस का लाभ दिया जाएगा।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और गेहूं खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी तथा सुचारु रूप से संचालित की जाएगी। अधिकारियों को तौल केंद्रों का निरीक्षण करने और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
ये भी पढ़े – उज्जैन: सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ
- bhopal-chief-minister-high-level-meeting-wheat-procurement-preparations









