
जबेरा/दमोह: नोहटा में आबादी क्षेत्र और धार्मिक स्थलों के पास संचालित शराब दुकानों को लेकर विरोध तेज हो गया है। भगवती मानव कल्याण संगठन और ग्रामीणों ने शराब दुकानों A और B के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन से उन्हें तुरंत गांव के बाहर स्थानांतरित करने की मांग की। धरना स्थल पर ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसडीएम को बुलाने की भी मांग की। पहले नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने अपनी मांग पर अड़े रहने के बाद तहसीलदार सोनम पांडे को बुलाया।
तहसीलदार ने 15 दिन के भीतर शराब दुकानों को हटाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। हालांकि ग्रामीणों और संगठन ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन उग्र होगा।संगठन का कहना है कि नियमों के बावजूद नोहटा, बनवार, सिंग्रामपुर और बम्हौरी मानगढ़ सहित कई स्थानों पर शराब दुकानें आबादी क्षेत्र और धार्मिक स्थलों के पास संचालित हो रही हैं।
खेर माता मंदिर, स्कूल और प्राचीन नोहलेश्वर मंदिर के आसपास यह दुकानें सामाजिक माहौल बिगाड़ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन बार-बार नियमों का उल्लंघन होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा।प्रशासन ने 15 दिन की मोहलत दी है, लेकिन अब सबकी नजर इस पर है कि क्या दुकानों को वास्तव में हटाया जाएगा या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा। ग्रामीणों और संगठन ने साफ कहा है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा।
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