मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल: 4 ताकतवर IAS अधिकारियों के खिलाफ EOW में शिकायत, 237 अवैध अनुमतियों के कथित घोटाले का मामला आया सामने !

भोपाल: राजधानी भोपाल में प्रशासनिक हलकों में उस समय हलचल मच गई जब एक रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी ने चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 1985 बैच के सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में शिकायत दर्ज कराई है.

क्या है ये पूरा मामला – 

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मध्य प्रदेश कैडर के चार प्रभावशाली आईएएस अधिकारियों ने पर्यावरण नियमों की अनदेखी करते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया। शिकायत के मुताबिक इन अधिकारियों की कथित मिलीभगत से करीब 237 अवैध अनुमतियां (इलीगल परमिशन) जारी की गईं। आरोप है कि इन फैसलों में पर्यावरण संबंधी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।

रिटायर्ड अधिकारी ने अपनी शिकायत में इन चारों आईएएस अधिकारियों के खिलाफ विस्तृत जांच कराने और आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि मामला आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के पास पहुंचने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।यह शिकायत 1985 बैच के तेजतर्रार रिटायर्ड IFS अधिकारी आजाद सिंह डबास ने की है। डबास ने सीधे तौर पर सिस्टम को चुनौती देते हुए इन चारों बड़े अफसरों के खिलाफ EOW में FIR दर्ज करने की औपचारिक मांग की है।

ये भी पढ़े – ब्रांडवाणी Exclusive: पुलिस मुख्यालय में हाई-प्रोफाइल टकराव; वरिष्ठ अधिकारी और महिला डीएसपी आमने-सामने

 

  • madhya-pradesh-ias-officers-eow-complaint-illegal-permits-scandal
  • Rashel Kachwah Rajput

    Rashel Kachwah Rajput

    14+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

    Related Posts

    ‘राष्ट्रवाद’ का नया शोरूम: पोर्ट गया, एयरपोर्ट गया, सैनिक स्कूल गया… क्या अब सेना भी ‘साहब के मित्र’ की होगी?

    नई दिल्ली/विशेष रिपोर्ट: क्या इस देश की संप्रभुता, सुरक्षा…

    आगे पढ़ें
    राष्ट्रपति भवन से लोकतंत्र का अपमान? 2 करोड़ जनता के दूतों को समय नहीं, आदिवासी महिला मीनाक्षी नटराजन का रास्ता रोकने के पीछे क्या है BJP की मंशा?

    आज हम बात कर रहे हैं लोकतंत्र के उस…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ‘राष्ट्रवाद’ का नया शोरूम: पोर्ट गया, एयरपोर्ट गया, सैनिक स्कूल गया… क्या अब सेना भी ‘साहब के मित्र’ की होगी?

    ‘राष्ट्रवाद’ का नया शोरूम: पोर्ट गया, एयरपोर्ट गया, सैनिक स्कूल गया… क्या अब सेना भी ‘साहब के मित्र’ की होगी?

    राष्ट्रपति भवन से लोकतंत्र का अपमान? 2 करोड़ जनता के दूतों को समय नहीं, आदिवासी महिला मीनाक्षी नटराजन का रास्ता रोकने के पीछे क्या है BJP की मंशा?

    राष्ट्रपति भवन से लोकतंत्र का अपमान? 2 करोड़ जनता के दूतों को समय नहीं, आदिवासी महिला मीनाक्षी नटराजन का रास्ता रोकने के पीछे क्या है BJP की मंशा?

    लोकतंत्र और न्यायपालिका पर उठते सवाल, दिग्विजय सिंह के बयान से सियासी भूचाल, क्या खतरे में है जनता का जनादेश?

    लोकतंत्र और न्यायपालिका पर उठते सवाल, दिग्विजय सिंह के बयान से सियासी भूचाल, क्या खतरे में है जनता का जनादेश?

    डिजिटल सम्मोहन, रील्स के दौर में खोते रिश्ते और बिखरता हुआ परिवार

    डिजिटल सम्मोहन, रील्स के दौर में खोते रिश्ते और बिखरता हुआ परिवार

    शिक्षा का ‘डेथ वारंट’: सरकारी स्कूलों का जनाज़ा, प्राइवेट माफिया का कब्ज़ा! क्या मुफ्त राशन के बदले बच्चों का भविष्य बेच रही है जनता?

    शिक्षा का ‘डेथ वारंट’: सरकारी स्कूलों का जनाज़ा, प्राइवेट माफिया का कब्ज़ा! क्या मुफ्त राशन के बदले बच्चों का भविष्य बेच रही है जनता?