
अनूपपुर: कोतमा में 4 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे अग्रवाल लॉज के गिरने की घटना के बाद प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। हादसे के बाद जांच के नाम पर नगर पालिका की उपयंत्री वंदना अवस्थी को निलंबित कर दिया गया, लेकिन इस निर्णय को लेकर स्थानीय स्तर पर कई गंभीर प्रश्न सामने आ रहे हैं।
जिम्मेदारी तय करने पर सवाल
नगर पालिका परिषद कोतमा द्वारा 20 फरवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार उपयंत्री उमेश त्रिपाठी को वार्ड क्रमांक 01 से 07 तक के निर्माण एवं जलप्रदाय कार्यों की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि वंदना अवस्थी को वार्ड 08 से 15 तक के निर्माण और विद्युत कार्यों का दायित्व सौंपा गया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि हादसा वार्ड 05 में हुआ, जो अवस्थी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, तो उन्हें निलंबित किस आधार पर किया गया।
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मौके पर मौजूदगी भी बनी चर्चा का विषय
घटना के समय उमेश त्रिपाठी के मौके पर मौजूद होने की भी चर्चा है। यदि वे संबंधित वार्ड के प्रभारी नहीं थे तो उनके वहां होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, संबंधित जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति को भी प्रशासनिक लापरवाही से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिना अनुमति चल रहा था निर्माण
स्थानीय लोगों का दावा है कि अग्रवाल लॉज के पास लंबे समय से निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके लिए कथित तौर पर वैध अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
इस पूरे मामले में नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रदीप झरिया और संबंधित राजस्व अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है। अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि प्रशासन छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई कर मामले को शांत करने की कोशिश कर रहा है।
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