
छतरपुर/अमित अवस्थी: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कई महीनों से जारी इस आंदोलन में अब गांवों की आदिवासी महिलाएं भी शामिल हो गई हैं, जिन्होंने ‘चिता आंदोलन’ की शुरुआत की है।
महिलाओं की चिता पर लेटने की चेतावनी
छतरपुर जिले में गुरुवार को सैकड़ों लोग, जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं, नकली चिताओं पर लेट गए। इस प्रदर्शन के माध्यम से महिलाओं ने यह संकेत दिया कि वे आखिरी सांस तक इस परियोजना का विरोध करेंगी। प्रदर्शनकारी गांव डूब क्षेत्र में आ रहे हैं, इसलिए उनकी मांग है कि उन्हें उचित मुआवजा और नया गांव दिया जाए।
नगरीय प्रशासन से की शिकायत
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगरीय प्रशासन के अधिकारी उन्हें परेशान कर रहे है। प्रदर्शनकारियों ने संकल्प लिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे डटे रहेंगे और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
“केन-बेतवा” लिंक परियोजना का उद्देश्य
केन-बेतवा लिंक परियोजना का उद्देश्य केन नदी बेसिन से पानी को बेतवा बेसिन के जल-संकटग्रस्त इलाकों में पहुंचाना है। इसके अंतर्गत छतरपुर जिले में दौधन बांध का निर्माण हो रहा है। इसमें 200 किमी लंबा नहर नेटवर्क और सिंचाई-बिजली से जुड़े अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, इस परियोजना से 10 लाख हेक्टेयर से ज्यादा भूमि की सिंचाई, बिजली उत्पादन और लगभग 62 लाख लोगों को पेयजल की सुविधा मिलेगी।
यह परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास है।
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