बुरहानपुर: महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर महापौर ने दी श्रद्धांजलि, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन

बुरहानपुर/राजू राठौड़: महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर नगर निगम की महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल ने शनवारा चौराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर नगर के समाजजन और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

महापौर श्रीमती माधुरी पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की “महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज में समानता, शिक्षा और न्याय के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया।” विशेष रूप से महिलाओं और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं ।

उन्होंने समाज में शिक्षा का प्रसार, समान अवसर और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की अपील की। महापौर ने कहा, “जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और सम्मान नहीं पहुंचेगा, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है।”

कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों और जनप्रतिनिधियों ने महात्मा फुले के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा और सम्मान का वातावरण बना रहा।

महापौर श्रीमती पटेल ने अपील की कि हम सभी मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें, जहां हर व्यक्ति को समान अधिकार, सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो — यही महात्मा ज्योतिबा फुले को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर निगम महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल के अलावा, भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज माने, पूर्व महापौर श्री अनिल भोंसले, एम आई सी सदस्य धनराज महाजन, गजेंद्र पाटिल और बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

  • burhanpur-mayor-tributes-mahatma-jyotiba-phule-anniversary
Rashel Kachwah Rajput

Rashel Kachwah Rajput

14+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

40 साल के गोलकीपर ने रोका स्पेन का विजय रथ, रातों-रात बने विश्व कप के नए हीरो

40 साल के गोलकीपर ने रोका स्पेन का विजय रथ, रातों-रात बने विश्व कप के नए हीरो

‘राष्ट्रवाद’ का नया शोरूम: पोर्ट गया, एयरपोर्ट गया, सैनिक स्कूल गया… क्या अब सेना भी ‘साहब के मित्र’ की होगी?

‘राष्ट्रवाद’ का नया शोरूम: पोर्ट गया, एयरपोर्ट गया, सैनिक स्कूल गया… क्या अब सेना भी ‘साहब के मित्र’ की होगी?

राष्ट्रपति भवन से लोकतंत्र का अपमान? 2 करोड़ जनता के दूतों को समय नहीं, आदिवासी महिला मीनाक्षी नटराजन का रास्ता रोकने के पीछे क्या है BJP की मंशा?

राष्ट्रपति भवन से लोकतंत्र का अपमान? 2 करोड़ जनता के दूतों को समय नहीं, आदिवासी महिला मीनाक्षी नटराजन का रास्ता रोकने के पीछे क्या है BJP की मंशा?

लोकतंत्र और न्यायपालिका पर उठते सवाल, दिग्विजय सिंह के बयान से सियासी भूचाल, क्या खतरे में है जनता का जनादेश?

लोकतंत्र और न्यायपालिका पर उठते सवाल, दिग्विजय सिंह के बयान से सियासी भूचाल, क्या खतरे में है जनता का जनादेश?

डिजिटल सम्मोहन, रील्स के दौर में खोते रिश्ते और बिखरता हुआ परिवार

डिजिटल सम्मोहन, रील्स के दौर में खोते रिश्ते और बिखरता हुआ परिवार