
अनूपपुर: कोयलांचल क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण और गिरते भूजल स्तर के बीच राजनगर के पास स्थित केरहाधाम आज भी हजारों लोगों के लिए मीठे पानी का प्रमुख स्रोत बना हुआ है। रामनगर थाना क्षेत्र के झिरिया टोला मार्ग के पास स्थित इस स्थल से वर्षों से प्राकृतिक जलधारा बह रही है, जो क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाती है।
जहां आसपास के इलाकों में पानी की किल्लत है और नलों का पानी पीने योग्य नहीं है, वहीं केरहाधाम का शुद्ध जल लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यहां पानी भरने पहुंचते हैं। यह स्थान केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि कई परिवारों की आजीविका का भी साधन है। स्थानीय युवक यहां से पानी भरकर शहर में सप्लाई करते हैं, जिससे उन्हें रोजगार मिल रहा है।
हालांकि, हाल के समय में यहां असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ने से स्थिति चिंताजनक हो गई है। मंदिर परिसर में शराबखोरी और अभद्रता की घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में पुजारी के साथ मारपीट की घटना के बाद श्रद्धालुओं में असुरक्षा का माहौल है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और परिसर का सौंदर्यीकरण व स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि केरहाधाम न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि करीब 40 हजार से अधिक लोगों की जल आवश्यकता का प्रमुख स्रोत भी है।
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