कटनी जंक्शन पर बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन; पटना-पूर्णा एक्सप्रेस से बचाए गए 163 मासूम, 8 तस्कर गिरफ्तार

कटनी/विवेक तिवारी: मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर एक बड़े अभियान के तहत आरपीएफ और जीआरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पटना-पूर्णा एक्सप्रेस से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे करीब 163 नाबालिग बच्चों को बचाया है। इस अभियान की जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी।

अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में आठ लोगों को बिना टिकट और वैध दस्तावेजों के यात्रा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चों को बिहार के अररिया जिले से महाराष्ट्र के लातूर ले जाया जा रहा था, जहां उनसे मजदूरी कराए जाने की आशंका जताई जा रही थी।

बता दें कि कटनी, जो पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर डिवीजन के अंतर्गत एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, वहां आरपीएफ को पहले से ही गुप्त सूचना मिली थी। संदेह होने पर जब जांच की गई, तो पाया गया कि बच्चों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। इसके बाद रात करीब 8:30 बजे से संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया गया, जो रविवार तड़के तक चला। बचाए गए सभी बच्चे 6 से 13 साल के हैं।

रेलवे पुलिस ने इस मामले में बिहार के विभिन्न जिलों के आठ आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।

अधिकारियों के मुताबिक, बाल कल्याण समिति से पहले ही सूचना मिली थी कि बड़ी संख्या में बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में राज्य से बाहर ले जाया जा रहा है। सुरक्षाकर्मी प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर तैनात थे और ट्रेन के पहुंचते ही उन्होंने डिब्बों की तलाशी लेकर बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।

बाल संरक्षण अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि सभी बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है और उनके माता-पिता से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कुछ बच्चों को कटनी में ही रखा गया है, जबकि अन्य को जबलपुर की बाल संरक्षण इकाइयों में देखरेख के लिए भेजा गया है, जहां उनकी पहचान, उम्र और यात्रा के उद्देश्य की पुष्टि की जा रही है।

पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को हिरासत में लिया है। ये लोग बिना किसी टिकट के बच्चों को ले जा रहे थे। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो नाबालिगों की तस्करी से संबंधित है। इसमें 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

बच्चों को फिलहाल कटनी और जबलपुर की बाल संरक्षण इकाइयों में रखा गया है। उनकी काउंसलिंग की जा रही है और प्रशासन उनके माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। राजकीय रेलवे पुलिस  (GRP) और बाल कल्याण समिति इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं, ताकि तस्करी के इस नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा हो सके।

यह अभियान बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है, और संबंधित एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं।

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Rashel Kachwah Rajput

Rashel Kachwah Rajput

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