
मध्यप्रदेश पुलिस प्रशासन में पदोन्नति को लेकर एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। वर्ष 2026 में प्रदेश को 9 नए आईपीएस (IPS) अधिकारी मिलने जा रहे हैं। गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा (रापुसे) से भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) संवर्ग में नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम से न केवल पुलिस महकमे में अधिकारियों की कमी दूर होगी, बल्कि अनुभवी अधिकारियों को नेतृत्व का बड़ा अवसर भी मिलेगा।
इस पदोन्नति प्रक्रिया के लिए पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने 27 अधिकारियों के अभिलेख (Records) मांगे हैं। इन सभी अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड और प्रदर्शन का सूक्ष्मता से परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुमोदन से अंतिम प्रस्ताव संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजा जाएगा। गृह विभाग का लक्ष्य है कि अगस्त-सितंबर तक विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक संपन्न करा ली जाए ताकि समय पर नियुक्तियां हो सकें।
दरअसल, यह पदोन्नति प्रक्रिया एक निश्चित चक्र के तहत चलती है। वर्ष 2025 में आईपीएस संवर्ग में नियुक्त हुए 9 अधिकारी सेवानिवृत्त हुए हैं। नियमों के अनुसार, सेवानिवृत्ति से रिक्त हुए इन पदों को राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों से भरा जाता है। इसी क्रम में 1998 बैच के अधिकारियों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है, जिससे लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों को अब आईपीएस का टैग मिल सकेगा।
अधिकारियों की इस नई खेप के आने से जिलों की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिलेगा। कई अधिकारी जो अब डीआईजी (DIG) बन चुके हैं, उन्हें नई पोस्टिंग मिलना तय है। रिक्त हुए स्थानों पर नए पुलिस अधीक्षकों (SP) की तैनाती की जा सकती है। शासन का यह कदम प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ और गतिशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
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