
ब्रांणवाणी डेस्क: नई दिल्ली स्थित मंगलवार को विज्ञान भवन में सिविल सेवा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान. कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा की आज भी किसानों को बैंक से ऋण लेने में कई स्तर की प्रक्रियाओं और कागजी जटिलताओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए ऋण प्रक्रिया का सरलीकरण जरूरी है.
उन्होने कहा कि किसानों को साहूकारी, ऊंचे ब्याज और जटिल कर्ज प्रक्रिया से राहत दिलाने के लिए कृषि वित्त तंत्र को सरल, व्यावहारिक और मानवीय बनाना जरूरी है. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से राहत मिली है, लेकिन अब बैंकिंग व्यवस्था को ग्रामीण जरूरतों के अनुसार और मजबूत करने की आवश्यकता है. उन्होंने व्यवस्था में संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि किसान कोई याचक नहीं, बल्कि अधिकार के साथ सहायता लेने आता है.
ग्रामीण बैंकों में स्टाफ की कमी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ते काम के दबाव के बीच किसानों को समय पर सेवा नहीं मिल पाती, जिसे सुधारना होगा. केंद्रीय मंत्री ने उन्नत खेती और छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल को बढ़ावा देने की बात कही, साथ ही तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और व्यावहारिक समाधान अपनाने पर भी जोर दिया.
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