
वॉशिंगटन। भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत केन जस्टर ने भारत की विदेश और व्यापार नीतियों में आए बदलावों पर अहम टिप्पणी की है। उनके मुताबिक, हाल के वर्षों में भारत का रुख पहले की तुलना में अधिक खुला और सक्रिय हो गया है।
पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते बेहतर बनाने पर जोर
जस्टर ने बताया कि नरेंद्र मोदी के शुरुआती दो कार्यकालों के मुकाबले अब भारत व्यापार के मामले में ज्यादा खुलापन दिखा रहा है। साथ ही, एशियाई देशों के साथ अपने संबंध मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खासतौर पर बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत एशियन देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, भारत अभी किसी बड़े क्षेत्रीय मुक्त व्यापार समझौते में शामिल होने को लेकर सतर्क है। भारत पहले ही RCEP से बाहर हो चुका है और CPTPP में शामिल होने के संकेत भी नहीं दिए हैं।
विदेश नीति में बढ़ा दायरा और भरोसा
पूर्व राजदूत के अनुसार, 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत की विदेश नीति में बड़ा बदलाव आया है। अब भारत वैश्विक मंच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है और कई देशों के साथ अपने संबंधों का विस्तार कर चुका है। उन्होंने कहा कि भारत खुद को एक “सभ्यतागत शक्ति” के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
बयानों के मायने
जस्टर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो रही है। इससे संकेत मिलता है कि भारत वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है, खासकर एशिया और अन्य क्षेत्रों में। साथ ही, देश अपने आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर और संतुलित तरीके से फैसले ले रहा है।
- india-foreign-trade-policy-shift-ken-juster-statement











