
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच सियासी बयानबाजी अब दिलचस्प मोड़ ले चुकी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए “झालमुड़ी बनाम भेलपुरी” को लेकर बड़ा तंज कसा है।
रैली में ममता का बयान
कोलकाता के बोबाजार में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा—
“वे झालमुड़ी का वादा कर रहे हैं, लेकिन मैं आपको भेलपुरी खिलाऊंगी।”
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का झालमुड़ी खाना एक “पूर्व-नियोजित कार्यक्रम” था और इसे चुनावी प्रचार के लिए इस्तेमाल किया गया।
पीएम मोदी के कार्यक्रम पर सवाल
ममता बनर्जी ने दावा किया कि जिस दुकान पर प्रधानमंत्री ने झालमुड़ी खाई, वहां पहले से कैमरे और व्यवस्थाएं की गई थीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सुरक्षा के नाम पर झालमुड़ी बाहर से तैयार कर लाई गई थी और दुकानदार को मामूली पैसे दिए गए।
चुनावी जंग में बढ़ी तीखी बयानबाजी
बंगाल चुनाव में पहले चरण में भारी मतदान के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां भाजपा इसे “परिवर्तन की लहर” बता रही है, वहीं ममता बनर्जी इसे अपनी सरकार के कामों पर जनता की मुहर बता रही हैं।
खान-पान भी बना राजनीतिक मुद्दा
ममता बनर्जी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि वह हर तरह का खाना खाती हैं—डोसा, ढोकला, लिट्टी, सत्तू और ईद की सेवइयां—और किसी को उन्हें धर्म या खान-पान न सिखाने की सलाह दी।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में “झालमुड़ी vs भेलपुरी” केवल खाने का मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतीक बन चुका है। दोनों दल जनता से जुड़ाव दिखाने के लिए अलग-अलग तरीकों से प्रचार कर रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है।
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